Flood-affected Karnataka ने केंद्र से मांगा 10,000 करोड़ का स्पेशल पैकेज

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कर्नाटक ने राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्यो के लिए केंद्र सरकार से 10,000 करोड़ रुपये के स्पेशल पैकेज की मांग की है। राज्य के राजस्व विभाग ने यहां आईएएनएस से कहा, “मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष राहत पैकेज के रूप में 10,000 करोड़ रुपये की मदद को लेकर पत्र लिखा है। इससे पहले उन्होंने बुधवार को राज्य के उत्तरी और उत्तरपूर्वी क्षेत्रों में हवाई सर्वेक्षण किया था।”

राज्य में बाढ़ से प्रभावित जिले बगलकोट, बेल्लारी, बेलगावी, बिदार, गडग, कलबुर्गी, कोडागु, कोप्पल, रायचुर, यादगीर, विजयपुरा और उडुपी हैं।

एक अधिकारी ने कहा, “केंद्रीय टीम जल्द ही फसलों, घरों, संरचनाओं को हुई क्षति की समीक्षा के लिए प्रभावित जिलों का दौरा करेगी।”

राज्य कृषि विभाग ने अत्यधिक बारिश और बाढ़ की वजह से 21,609 करोड़ रुपये के फसलों की हानि की संभावना जताई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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