जम्मू में बीएसएफ, पाकिस्तान रेंजर्स के बीच फ्लैग मीटिंग

0
219

जम्मू एवं कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच फ्लैग मीटिंग हुई। यह बैठक बुधवार शाम को जम्मू के ओक्ट्रोई चौकी पर हुई।

बीएसएफ की ओर से फ्रंटियर मुख्यालय के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) पी.एस धीमान के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम जबकि ब्रिगेडियर मुहम्मद अमजद हुसैन के नेतृत्व में पाकिस्तान रेंजर्स की छह सदस्यीय टीम शामिल हुई।

बीएसएफ सूत्रों ने कहा,”इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर युद्धविराम उल्लंघन की घटनाओं पर चर्चा की गई। दोनों पक्ष सीमा पर तनाव कम करने के लिए संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए।”

रामगढ़ सेक्टर में बुधवार को पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन में बीएसएफ के चार शहीद हो गए थे।

भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ ेके बीच 2003 में युद्धविराम समझौते को लागू करने पर सहमति बनने के बावजूद युद्धविराम का उल्लंघन जारी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleअमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाईं, जानिए इसके बारे में !
Next articleप्यार में पड़ा हर लड़का रखता है अपनी गर्लफ्रेंड से ये उम्मीद
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here