पहले समझे फैट की साइंस उसके बाद ढूंढे सही इलाज

आज कल वजन बढ्न बहुत ही आम परेशानी हो गई है । आज लगभग 80 % लोग मोटापे के शिकार है । पर उनमे से 79 % लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है की फेट का असली साइंस क्या है

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Concept-weight loss Two young girls standing in front of each other wearing the same type of clothes.Fat girl standing next to a skinny girl

 

जयपुर । आज कल वजन बढ्न बहुत ही आम परेशानी हो गई है । आज लगभग 80 % लोग मोटापे के शिकार है । पर उनमे से 79 % लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है की फेट का असली साइंस क्या है और हमको किस का इलाज़ करना चाहिए । मोटापा हल्का भी बदझा नहीं की लगे दौड़ने । यहाँ तक की किस तरह का खानपान किस तरह से अप पर निर्भर करता है इस बात की भी आज्ङ्कारी लोगों को जरा बजी नहीं है ।

आज हएएम आपको इसी सिलसिले में कुछ खास जानकारी देने जा रहे हैं । आज हम आपको बत्राने जा रहे हैं की क्या है इसके पीछे का विज्ञान और कैसे काम करता है आपके शरीर में फेट । इसी के साथ यह भी की किस तरह से उसका इलाज़ किया जाना चाहिए । आइये जानते हैं इस बारे में ।

सभी तरह के फैट का बेसिक कम्पोनेंट होते हैं – एक कार्बन श्रृंखला और हाइड्रोजन परमाणु। कार्बन श्रृंखला की लंबाई और हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या के कारण एक तरह का फैट दूसरे से भिन्न हो सकता है। इसी कारण कुछ फैट सेहत के लिए अच्छे तो कुछ बुरे हैं। फैट से शरीर को एनर्जी मिलती है। यह पूरी तरह प्रमाणित किया जा चुका है कि हमारे शरीर को वसा की आवश्यकता होती है, ठीक उसी तरह जैसे उसे कार्बोहाइड्रेट या प्रोटीन की आवश्यकता होती है। फैट के कारण ही विटामिन ए, डी, ई, शरीर में प्रोसेस होते हैं। इसी कारण शरीर का ठंड से बचाव होता है, लेकिन ये सभी महत्वपूर्ण कार्य स्वस्थ गुड फेट द्वारा किए जाते हैं।

जब प्रत्येक कार्बन परमाणु के आसपास कई हाइड्रोजन परमाणु जमा हो जाते हैं, तो यह मोटापे वाली वसा बनाता है। कुल कैलोरी में वसा की मात्रा 10 प्रतिशत से कम रखना सेहत के लिए फायदेमंद है। ज्यादा बेड फेट और ट्रांस फैट सेहत के लिए बुरे हैं। दोनों एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाते हैं – जो धमनियों को ब्लॉक करने और हृदय रोगों को जन्म देने का कारण बनता है।

यह है गुड फेट फूड इंका करें सेवन ताकि वजन रहे नियंत्रण में ।

आहार में थोड़ा-सा जैतून का तेल, मूंगफली का तेल, कैनोला तेल, एवोकाडो और नट्स शामिल करके अच्छा फैट हासिल किया जा सकता है। ओमेगा3 और ओमेगा6 दो प्रकार के पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं जिन्हें हमारा शरीर अपने आप नहीं बना सकता है और जो हमारे दिल के लिए जरूरी होता है ।

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