Nepal में कोविड टीकाकरण का पहला चरण शुरू

0

नेपाल में बुधवार से कोविड-19 टीकाकरण अभियान का पहला चरण शुरू हो गया। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कोरोनोवायरस अब तक देश में 2,017 लोगों की जान ले चुका है और पूरे देश में 270,092 लोग इससे संक्रमित हैं।

प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी के संदेश को पढ़ते हुए कार्यक्रम की शुरूआत की।

कुल 430,000 फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं में सहायक कर्मचारी, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवक, सुरक्षा कर्मी, स्वच्छता कार्यकर्ता, देखभाल घरों में रहने वाले बुजुर्ग और कैदियों को देश भर के 65 जिलों में वैक्सीन लगाई जाएगी।

भारत ने ‘नेबरहुड फस्र्ट पॉलिसी’ के तहत ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की 10 लाख खुराक नेपाल को दी है। ये वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा निर्मित की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ह्रदयेश त्रिपाठी ने कहा कि टीकाकरण अभियान का पहला चरण 10 दिनों के भीतर पूरा हो जाएगा।

हालांकि, टीकाकरण कार्यक्रम को कुछ जिलों में रोलआउट नहीं किया जा सकता है क्योंकि वहां अभी तक टीके की खेप नहीं पहुंची है।

टीकाकरण अभियान को चलाने के लिए 600 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है।

टीकाकरण किए जाने वाले लोगों की संख्या कुल आबादी के 1.5 प्रतिशत से कम है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पहले चरण के बाद भी, लगभग 70.5 प्रतिशत आबादी इससे अछूता रह जाएगी।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों को लगता है कि पहले दौर में फ्रंटलाइन श्रमिकों को प्राथमिकता देकर टीकाकरण अभियान का रोलआउट एक सकारात्मक कदम है।

इस बीच, नेपाल सरकार ने कहा है कि वह कुल आबादी के 72 प्रतिशत को टीकाकरण के लिए प्रतिबद्ध है। यह टीका 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं दिया जा सकता है, जो देश में 28 प्रतिशत आबादी है।

news source आईएएनएस

SHARE
Previous articleक्या इस बजट में किसानों की आय दोगुनी कर पाएगी सरकार? जानिए बजट 2021 से क्या हैं उम्मीदें
Next articleतेल कंपनियों ने फिर दिया झटका जाने क्या हैं आज की कीमत आज भी बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम 
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here