इंदौर के होटल में आग, 6 लोग सुरक्षित निकाले गए

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मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में स्थित गोल्डन गेट होटल में सोमवार की सुबह अचानक आग लग गई। होटल में उस समय छह लोग ठहरे हुए थे, सभी को सुरक्षित निकाला गया और असहज महसूस करने के बाद अस्पताल ले जाया गया है। वहीं, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, “सोमवार की सुबह गोल्डन गेट होटल में अचानक आग लग गई। पांच मंजिला इस होटल में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, क्योंकि होटल के अधिकांश हिस्से में लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। आग को बुझाने आठ दमकल गाड़ियों केा भेजा गया, होटल में जब आग लगी उस समय छह लोग ठहरे हुए थे। इन्हें भारी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया। आग के साथ उठे धुएं से लोगों को दम घुटने जैसी परेशानी का सामना करना पड़ा, इसलिए उन्हें अस्पताल भेजा गया।”

राहत दल के अनुसार, होटल में फंसे लोगों को निकालने के लिए दमकलकर्मी सीढ़ियों की मदद से कमरों तक पहुंचने के लिए कांच तोड़कर अंदर दाखिल हुए। धुआं ज्यादा होने से राहत दल को परेशानी आ रही थी। होटल के भीतर एक सीढ़ी लगाई गई और एक लंबा चादरनुमा कपड़ा के जरिए अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

विजय नगर क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक हरीश मोटवानी ने संवाददाताओें केा बताया कि होटल में ठहरे सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है ।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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