फिनलैंड की एफ-सिक्योर ने राहुल कुमार को कंट्री मैनेजर बनाया

0
121

फिनलैंड की विश्वस्तरीय साइबर सुरक्षा कंपनी एफ-सिक्योर ने बुधवार को घोषणा कर बताया कि उन्होंने भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों के लिए राहुल कुमार को कंपनी का कंट्री मैनेजर बनाया है। एफ-सिक्योर से पहले राहुल डाटा सुरक्षा प्रदाता विनमैजिक के कंट्री मैनेजर व निदेशक थे जहां वह भारत में कंपनी की बिक्री, प्रीसेल सर्विस व विपणन का काम देखते थे।

राहुल ने अपनी नियुक्ति के बारे में बताया, “चूंकि देश अभूतपूर्व डिजिटलीकरण से गुजर रहा है तो ऐसे में साइबर सुरक्षा को भारत में अहम भूमिका निभानी है। मैं इस महत्वपूर्ण मौके पर एफ-सिक्योर में शामिल होने को लेकर उत्साहित हूं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleये है हंसी का बारूद, देखकर नहीं रोक पाओंगे अपनी हंसी
Next articleसौरभ गांगुली ने कहा- इस खिलाड़ी का करो सम्मान, हर किसी को नही मिलता ऐसा धुरंधर
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here