हाथों को कीबोर्ड पर नहीं तोड़नी पड़ेगी ऊंगलिया अब से होगा दिमाग से टाइप

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जयपुर। तकनीक इंसानों को बहुत ही आलसी बनाती जा रही है। हर काम मशीने कर रही है इंसान को कुछ करना ही नहीं पर रहा है। कभी  ऐसा ना हो कि ये इंसानों पर राज़ करने लग जाये दुनिया में वैज्ञानिकों ने ऐसे-ऐसे अविष्कार कर रहे हैं कि जिनकी कुछ साल पहले तक आम इंसान ने कल्पना भी नहीं की थी। ऐसे ही हाल ही में चीन की सिंघुआ यूनिवर्सिटी में ऐसी तकनीक विकसित की गई है जिसकी मदद से कीबोर्ड हाथ को रखने की जरूरत ही नहीं पड़ेती है।

इस शोध की जानकारी चीन की न्यूज एजेंसी पीपल्स डेली ने फेसबुक पर एक विडियो के जरिये दी है। इससे इस तकनीक को फेसबुक पर काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस तकनीक में सिर पर एक टोपीनुमा डिवाइस पहनकर आपको सोचना होगा जिससे इसके सेंसर काम करेंगे इसकी मदद से फिर मशीन टाइप कर सकेंगी। वैज्ञानिरकों ने इस टोपीनुमा डिवाइस का नाम स्टेडी-स्टेट विजुअल इवोक्ड पोटेन्शल (SSEVP) सिस्टम दिया है। 
आपको बता दे कि इस डिवाइस के कनेक्ट करके जब व्यक्ति वर्चुअल कीबोर्ड पर फोकस करेगा तो यह सिस्टम मस्तिष्क से निकलने वाली तरंगों को शब्दों में ट्रांसलेट कर देगा जिससे हाथों को तकलिफ देंने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस तकनीक को देख कर वो इंसान जरूर खूश होगा जो दिन रात कम्प्यूटर पर काम करता है और अपनी उंगलियों को तोड़ता है उसके लिए ये तकनीक बहुत ही काम की है अब उसके कीबोर्ड पर अपनी उंगलियां नहीं तोड़नी पड़ेगी। यह तकनीक भविष्य में बहुत ही ज्यादा उपयोग में लाई जायेगी।

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