नस्लवाद से लड़ने के लिए गूगल की ओर से आर्थिक मदद

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अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के खिलाफ देशव्यापी विरोध के बीच नस्लीय असमानताओं को दूर करने के लिए काम करने वाले संगठनों को एक करोड़ बीस लाख डॉलर देने की घोषणा की है। कंपनी विज्ञापन अनुदान में भी दो करोड़ पचास लाख की राशि दान में देगी ताकि नस्लीय भेदभाव से लड़ने वाले संगठनों के मंचों पर महत्वपूर्ण आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराकर उनकी मदद की जा सकें।

पिचई ने देर रात बुधवार को अपने एक बयान में कहा, “प्रत्येक दस लाख डॉलर का हमारा पहला अनुदान पुलिसिंग इक्विटी और समान न्याय पहल केंद्र के हमारे दीर्घकालिक भागीदारों को जाएगा और हम अपने गूगल डॉट ओआरजी के कार्यक्रमों के माध्यम से तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।”

गूगल ने अब तक पिछले पांच वर्षों में नस्लीय न्याय से संबंधित प्रयासों के लिए तीन करोड़ बीस लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

पिचई ने कहा, “हमारा अश्वेत समुदाय आहत हो रहा है और हम में से कई लोग उनके प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए भिन्न तरीकों को तलाशते आ रहे हैं और उन लोगों तक पहुंचते रहे हैं, जिनके साथ हम एकजुटता दिखाना पसंद करते हैं।”

गूगल ने अपनी जान गंवा चुके इन अश्वेत लोगों के प्रति अपना सम्मान दिखाते हुए 8 मिनट और 46 सेकंड का मौन भी रखा।

पिचई ने इस बारे में कहा, “मौन के क्षण की अवधि उतनी रही है, जितने समय तक के लिए मौत से पहले जॉर्ज फ्लॉयड को प्रताड़ित किया गया है। यह फ्लॉयड सहित कई अन्य लोगों पर हुए अन्याय को चिन्हित करती है।”

गूगल के कर्मचारियों की तरफ से अतिरिक्त दो करोड़ पचास लाख डॉलर की अतिरिक्त राशि भी दान में दी गई है, ताकि इस पहल में कंपनी की सहायता की जा सकें।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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