JNU में अंतिम वर्ष के पीएचडी छात्रों की होगी वापसी

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों की चरणबद्ध तरीके से वापसी सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि अगले 2 फेज में केवल पीएचडी अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय के दरवाजे खोले जा रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को इसका औपचारिक ऐलान किया। वहीं दूसरी ओर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संगठन ने सभी छात्रों के लिए विश्वविद्यालय खोलने की मांग की है। साथ ही हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की वापसी भी सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार ही विश्वविद्यालय को छात्रों के लिए अलग-अलग चरणों में खोला जाएगा। विश्वविद्यालय में छात्रों की वापसी का पहला फेस 2 नवंबर से शुरू हो रहा है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रमोद कुमार ने इस बारे में एक आदेश जारी करते हुए कहा, “2 नवंबर को प्रथम फेस में जेएनयू से पीएचडी कर रहे अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय खुलने जा रहा है। साथ ही ऐसे प्रोजेक्ट स्टाफ के लिए भी विश्वविद्यालय खोला जा रहा है, जिन्हें प्रयोगशाला की आवश्यकता है। पीएचडी के छात्र 31 दिसंबर 2020 और 30 जून 2021 तक या उससे पहले अपनी थीसिस जमा करा सकते हैं।”

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक विश्वविद्यालय को खोलने का दूसरा चरण 16 नवंबर से शुरू होगा। इस दौरान भी केवल साइंस के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय खोला जाएगा। हालांकि इस दौरान छात्रों को हॉस्टल की सुविधा भी दी जाएगी।

वहीं जेएनयू छात्र यूनियन (जेएनयूएसयू) सभी छात्रों की चरणबद्ध वापसी की मांग करने के लिए पिछले चार दिनों से विश्विद्यालय के उत्तरी गेट के पास एक दिन-रात के धरने पर बैठा है। जेएनयूएसयू ने इस दौरान अपनी यह मांग विश्विद्यालय प्रशासन और मुख्य सुरक्षा अधिकारी (सीएसओ) के समक्ष भी रखी है।

जेएनयूएसयू अध्यक्ष आयषी घोष ने कहा, “सीएसओ और डीओएस दोनों से अनुरोध किया गया था कि वे तुरंत छात्रों को चरणबद्ध वापसी की सुविधा प्रदान करें। हमने यह स्पष्ट किया है, कि अनुसंधान से जुड़े स्कॉलर्स के पुन प्रवेश में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी पाठ्यक्रमों के छात्रों को तुरंत लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए। प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों को क्रियाशील होना चाहिए।”

जेएनयूएसयू ने सीएसओ को स्पष्ट रूप से सूचित किया कि किसी भी कीमत पर सुरक्षा गार्ड के मासिक भुगतान से कोई वेतन कटौती नहीं की जानी चाहिए। नॉर्थ गेट पर हिंसा, धमकी और प्रतिबंध की संस्कृति को तुरंत रोका जाना चाहिए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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