फिल्म ‘सुपर 30’ छात्रों और शिक्षकों को देगी प्रेरणा : नंदीश

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चर्चित शिक्षण संस्थान ‘सुपर 30’ के संस्थापक आनंद कुमार के जीवन पर बनी फिल्म ‘सुपर 30’ में संस्थान के पांच छात्रों ने भी अपने अभिनय का प्रदर्शन किया है। इस फिल्म के प्रचार के सिलसिले में पटना पहुंचे अभिनेता नंदीश सिंह ने कहा कि यह फिल्म छात्रों और शिक्षकों को प्रेरणा देगी। फिल्म में आनंद के भाई प्रणव कुमार की भूमिका निभा रहे नंदीश ने पटना में बुधवार को कहा कि 12 जुलाई को रिलीज होने वाली यह फिल्म केवल एक चरित्र, एक संदेश या आईआईटी की तैयारी के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बात की ओर इशारा करती है कि छात्र जो भी करना चाहते हैं, उसे पूरे जुनून के साथ करना चाहिए और उसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “यह चीजें छात्र और जल्दी प्राप्त कर सकते हैं, अगर उन्हें आनंद सर जैसे नि:स्वार्थ शिक्षक मिल जाएं।”

नंदीश ने फिल्म की स्क्रिप्ट की प्रशंसा करते हुए कहा, “इस फिल्म में बिहार के 30 लड़कों ने भी काम किया हैं। इनमें से पांच युवक तो सुपर 30 के छात्र रह चुके हैं।”

फिल्म का प्रचार करने के लिए मुंबई से बिहार पहुंची टीम में शामिल नंदीश ने माना कि बिहार की बोली बोलना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहारी भाषा बोलने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी।

उन्होंने फिल्म के हिट होने का दावा करते हुए कहा कि इस फिल्म की पंच लाइन ‘राजा वही बनेगा जो हकदार होगा’ आज लोगों की जुबान पर है। उन्होंने कहा कि फिल्म में आनंद को भाई प्रणव से मिले सहयोग को भी दिखाया गया है।

इस फिल्म में आनंद की भूमिका अभिनेता ऋतिक रोशन निभा रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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