इस साल अपनी फिल्में ना रिलीज करें ​मेकर्स तो होगी समझदारी, वरना उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान

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कोरोना वायरस की महामारी ने हर किसी को प्रभावित किया है। फिर चाहे कोई कितना बड़ा कारोबारी हो या फिर कितना ही छोटा। मजदूर तबके से लेकर बड़े बड़े इंडस्ट्रलीज तक पर इसका भयंकर प्रभाव पड़ा है जिसका हम शब्दों में अनुमान भी नहीं लगा सकते है। कोरोना वायरस की महामारी से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री भी अछूती नहीं रही है। हर साल करीब 300 से ज्यादा फिल्मों का निमार्ण करने वाली बॉलीवुड इंडस्ट्री इस वक्त खामोश बैठी है। पिछले काफी समय में ना तो फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुई हैं और ना ही फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग हो रही है। ऐसे में दर्शकों जो इस वक्त अपने घरों में बैठे बोर हो रहे हैं उनके पास भी टाइम पास करने का कोई बेहतर उपाय नहीं नजर आ रहा है। जबकि मेकर्स कब से अपनी पूरी तरह से तैयार हुई फिल्म को रिलीज करने की राह तक रहे है। जी हां आपको बता दें कि इस वक्त कई ऐसी फिल्में है जो रिलीज के लिए पूरी तरह से तैयारी है इसकी लिस्ट काफी लंबी है। लेकिन अब यहां पर सवाल ये उठता है कि क्या अगर मेकर्स और प्रोड्यूसर इस साल अगर अपनी फिल्में रिलीज करेंगे तो इससे फायदा होगा या नुकसान?

जहां तक हमारा अनुमान है उससे ऐसा लगता है कि अगर इस साल फिल्में रिलीज हुई तो मेकर्स को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। क्योंकि इस वक्त जहां देश ही नहीं दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। कई लोग पर इस महामारी की वजह से आ​र्थिक संकट का भंयकर बादल मंडरा रहा है। कई लोग अपने नौकरी खो चुके है। तो ऐसे में आर्थिक संकट की मार झेल रहे दर्शक क्या सिनेमाघरों में फिल्में देखने जाएंगे? पहले वो अपने बेसिक जरूरतों को पूरा करेंगे। इसके बाद वो फिल्में देखने को विचार कर सकते है।

वहीं जुलाई के बाद सिनेमाघर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है, जुलाई के बाद फेस्टिवल सीजन शुरू हो जाते हैं जिसके बाद मार्च तक ये सिलसिला जारी रहता है। जिस बीच वैसे भी खर्चा बढ़ जाता है। तो क्या दर्शक फिल्में देखने जाएंगे।

इसके अलावा एक और कारण है जब 999 में पूरे साल अगर ढेर सारी फिल्में, वेब शो और टीवी शो जैसे कई कंटेंट देखने की आदत इस लॉकडाउन में दर्शकों को पड़ गई तो क्या ऐसे लोग कम से कम चार सो या पांच सौ रूपए खर्च करके फिल्में देखने जाएंगे?

देश की वर्तमान स्थिति और आने वाले कुछ महीनों को देखते हुए अगर मेकर्स और प्रोड्यूसर्स अपनी फिल्में इस साल नहीं अगर अगले साल तक रिलीज करें तो फायदा हो सकता है तब तक कुछ हालात सुधरने सकने के आसार नजर आते हैं। एक और कारण है वो ये कि जैसे ही लॉकडाउन खत्म होगा मेकर्स में फिल्में रिलीज करने की होड़ लगेगी। तो ऐसे में फिल्में क्लैश होगी और दर्शक कंफ्यूज।

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