फिल्म व्यापार विशेषज्ञ संतोष सिंह का निधन

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भारतीय फिल्म बाजार विशेषज्ञ संतोष सिंह जैन का बुधवार को यहां निधन हो गया। उनके परिवार ने बताया कि वह 97 वर्ष के थे। उनके पड़पोते हर्ष जैन ने बुधवार को ट्वीट किया, “हमारे परिजन और फिल्म व्यापार विशेषज्ञ संतोष सिंह जैन का मुंबई स्थित उनके आवास पर आज तड़के लगभग चार बजे निधन हो गया। जैन साहब ने पेशेवर और निजी जिंदगी को शानदार तरीके से जीया। हमें हमेशा आपकी याद आएगी ‘डैडी’।”

‘सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन’ (सीसीसीए) और ‘फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एफएफआई) के पूर्व अध्यक्ष जैन के निधन पर फिल्म जगत के व्यापार विभाग के कई लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। पांच अक्टूबर को उनका जन्मदिन था।

लेखक-फिल्मकार अमित खन्ना ने कहा कि वह भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे वरिष्ठ सदस्य थे। यहां उन्होंने निर्माता, वितरक, प्रदर्शक और फाइनेंसर के तौर पर काम किया।

खन्ना ने कहा, “जैन साहब, भारतीय फिल्म उद्योग में आपके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। सम्मान सहित। आपकी आत्मा को शांति मिले।”

फिल्म व्यापार विश्लेषक कोमल नाहटा ने ट्वीट किया, “बेहत मृदुभाषी संतोष सिंह जैन के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। फिल्म व्यापार से जुड़े लोग उन्हें फिल्म उद्योग का भीष्म पितामह मानते हैं। वह अपने पीछे पूरा फिल्म व्यापार विभाग छोड़ गए हैं, जो एक सुपरमैन के निधन पर शोक मनाएगा।”

व्यापार विशेषज्ञ अतुल मोहन ने कहा, “संतोष सिंह जैन को आयरनमैन भी कहा जाता था।”

मोहन ने कहा, “वह सीसीसीए के सबसे ज्यादा समय (34 वर्ष) तक अध्यक्ष रहे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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