खरगोन में साइकिल से चुनाव प्रचार कर रहा है फिल्मी कलाकार

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लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों से लेकर उम्मीदवारों की चुनावी प्रचार की चमक-धमक किसी से छुपी नहीं है, लेकिन मध्य प्रदेश के खरगोन संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार जानी करण ऐसे उम्मीदवार हैं, जो चुनाव प्रचार के लिए साइकिल का सहारा ले रहे हैं। कई फिल्मों में सह-अभिनेता की भूमिका निभा चुके जानी करण के बैंक खाते में महज 1000 रुपये ही हैं।

करण आदिवासियों के भील समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, उनकी जन्मभूमि मध्य प्रदेश और कर्म भूमि मुंबई है। ‘गजनी’, ‘हेराफेरी’, ‘तीस मार खां’ और ‘युग पुरुष’ जैसी 20 से ज्यादा फिल्मों में सह-अभिनेता की भूमिका निभा चुके करण, आदिवासी क्षेत्रों की तस्वीर बदलना चाहते हैं। उनका सपना है कि, आदिवासी क्षेत्र में भी गुजरात और भोजपुरी की तरह फिल्म उद्योग स्थापित हो।

करण ने बीकॉम तक की शिक्षा ली है और लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। करण ने चुनाव फार्म के साथ जो हलफनामा दिया है, उसके मुताबिक उनके बैंक खाते में सिर्फ 1000 रुपये ही हैं। वर्तमान दौर में चुनाव लड़ना बहुत महंगा हो गया है। ऐसे में उन्हें प्रचार के लिए पैसे की तंगी का सामना करना पड़ रहा है। करण ने बताया कि, वह दोस्तों की मदद से चुनाव लड़ रहे हैं और प्रचार के लिए साइकिल आदि का उपयोग कर रहे हैं।

करण ने संवाददाताओं से कहा कि उनके लिए आदिवासी क्षेत्रों का विकास सवरेपरि है, आदिवासियों की जमीन पर उद्योगपति कब्जा कर रहे हैं, जिससे आदिवासी संस्कृति और परंपराओं पर असर पड़ रहा है। चुनाव जीतने पर इस वर्ग की मांगों को पूरी ताकत से सदन में उठाएंगे।

फिल्म अभिनेता करण बीते पांच साल से चुनाव लड़ने का मन बना रहे थे और इस बार उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला कर ही लिया।

खरगोन संसदीय क्षेत्र आरक्षित क्षेत्र है, यहां टक्कर भाजपा के गजेंद्र सिंह पटेल और कांग्रेस के गोविंद मुजाल्दा के बीच है। यहां 18 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। यहां मतदान 19 मई को होगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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