भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर अप्रत्यक्ष भूमिका में अमेरिका, जानें पूरा मामला!

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आतंकवाद के खिलाफ कथित रूप से जारी जंग में पाकिस्तान, अमेरिकी की ओर से मुहैया कराए गए हथियारों का निशाना भारत पर साध रहा है। दरअसल, पाकिस्तान अमेरिका के टीओडब्ल्यू-2 एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों का इस्तेमाल नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना की चौकियों को तबाह करने में इस्तेमाल कर रहा है।

खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान की इस नापाक कार्यवाही को लेकर भारत ने अमेरिका के सामने यह औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। दरअसल, आत्मरक्षा और अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबानी संगठन के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए अमेरिका ने वर्ष 2007 में पाकिस्तान करीब 2000 मिसाइलें मुहैया कराईं थीं।

इन हमलों को लेकर उच्चपदस्थ आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि, “पाकिस्तान की इस हरकत को लेकर भारत ने ठोस सबूत भी अमेरिका को दिए हैं।” हालंकि, भारत ने इन हमलों का विरोध करते हुए कहा है कि, “अफगानिस्तान में तालिबान से मुकाबले के लिए दी गई मिसाइलों का इस्तेमाल एलओसी पर हो रहा है। और पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन कर इसकी आड़ में आतंकवादियों की घुसपैठ करा रहा है।”

इसके अलावा सूत्रों ने यह भी बताया है कि, “सेना एलओसी पर दागे गए एंटी टैंक मिसाइल के टुकड़ों को दिल्ली मुख्यालय लेकर आई है। इस टुकड़ों को अति गोपनीय तरीके से अमेरिकी प्रतिनिधियों को दिखाया गया है।” जाहिर है कि, पाकिस्तान की इन्ही हरकतों के कारण भारत पहले भी अमेरिका से पाकिस्तान को बेचे जाने वाले खतरनाक हथियारों को लेकर आपत्ति जता चुका है।

जानकारी के लिए बता दें कि, इन्हीं अमेरिकी हथियारों के कारण पिछले हफ्ते सीमाई मुठभेड में भारतीय कैप्टन कपिल कुंडू समेत दो जवान शहीद हो गए थे। इतना ही नहीं, इसी वर्ष अमेरिकी हथियारों की मदद से किए गए पाकिस्तानी हमलों में पाक-भारत नियंत्रण रेखा पर नौ अन्य जवान भी शहीद हो चुके हैं।

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