फीफा विश्व कप : सलाह पर संशय के बीच जीत की आस लेकर उतेरगा मिस्र (प्रीव्यू)

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फीफा विश्व कप के दूसरे मैच में शुक्रवार को दो बार की पूर्व विजेता उरुग्वे का सामना मिस्र से होगा। दोनों टीमें ग्रुप-ए के दूसरे मैच में एकातेरिना स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों की ख्वाहिश विश्व कप की शुरुआत जीत के साथ करने की होगी, लेकिन इस जद्दोजहद में कौन बाजी मारेगा यह मैच के दिन ही पता चलेगा।

मिस्र ने लगभग 28 साल बाद विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है। जब मिस्र ने इस टूर्नामेंट में जगह बनाई थी तो पूरे देश में खुशी का माहौल था, लेकिन विश्व कप से पहले मिस्र को बड़ा झटका लगा। उसके स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सलाह को यूईएफए चैम्पियनशिप के फाइनल में लीवरपूल से खेलते हुए कंधे में चोट लग गई थी।

वह पहले मैच में खेलेंगे या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। कुछ दिनों पहले खबर थी कि सलाह पहले मैच में मैदान पर नहीं उतरेंगे, लेकिन बाकी के दोनों मैचों में वह उपलब्ध रहेंगे। इस खबर पर हालांकि अभी आधिकारिक मुहर लगना बाकी है।

दो बार की विश्व विजेता उरुग्वे के रूप में मिस्र के सामने बड़ी चुनौती है। ऊरुग्वे ने बीते दो विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था। 2010 में खेले गए विश्व कप में तो इस दक्षिण अमेरिकी देश ने चौथा स्थान हासिल किया था। 2014 में ब्राजील में हालांकि टीम अंतिम-16 से ही बाहर हो गई थी।

उस विश्व कप से इस विश्व कप में उरुग्वे की टीम ज्यादा अनुभवी है, हालांकि टीम का दारोमदार एक बार फिर स्टार स्ट्राइकर लुइस सुआरेज पर है। वहीं ए़िडसन कवानी सुआरेज के साथ जिम्मेदारी साझा करेंगे।

मिस्र की टीम सभी चीजों से भलीभांती परिचित है, लेकिन उसकी कोशिश अच्छा परिणाम हासिल करने की होगी। सलाह की गैरमौजूदगी में कोच हेक्टर कपर के पास माहमुद त्रेजेगुएट और रमादान सोभी के रूप में दो अच्छे विकल्प हैं। मिस्र के कोच अपनी रक्षात्मक शैली के रूप में जाने जाते हैं और इस मैच में मिस्र इसी रणनीति के साथ उतर सकता है।

उरुग्वे के पास अपने इतिहास को बदलने का मौका है। वह 1970 के बाद से कभी भी विश्व कप की शुरुआत जीत के साथ नहीं कर पाई। इस बार उसके सामने उससे कमजोर विपक्षी तो हो सकता है कि उरुग्वे इस इतिहास को यहीं तक ही सीमित कर दे।

टीमें :

उरुग्वे :

गोलकीपर : मार्टिन कम्पाना, फनार्डो मुस्लेरा, मार्टिन सिल्वा।

डिफेंडर : मार्टिन सेसेरस, सेबेस्टियन कोएट्स, जोस मारिया गिमेंज, डिएगो गोडिन, मेक्सिमिलियानो पीयरा, गेस्टन सिल्वा, गुइलेरमो वरेला।

मिडफील्डर : जिर्योजियन डी एरास्कीटा, रोड्रिगो बेंटाकुर, डिएगो लेक्जेल्ट, नाहितन नांदेज, क्रिस्टियन रोड्रिगेज, कार्लोस सांचेज, लुकास टोरीयरा, मेटियास वेसीनो, जोनाथन यूरेताविस्कय।

फारवर्ड : एडिंसन कवानी, मेक्सिमिलियानो गोमेज, लुइज सुआरेज, क्रिस्टियन स्टॉनी।

मिस्र :

गोलकीपर : एसाम अल हादरी, मोहम्मद एल सेहेनावी, शेरिफ एकरामी, मोहम्मद अवद।

डिफेंडर : अहमद फताही, साद सामीर, अयमान अशरफ, मेहमुद हमदी, मोहम्मद अबदेव शाफी, अहमद हेगाजी, अली गाबेर, अहमद अल मोहम्मदी, करीम हफीज, ओमर गाबेर, आम्रो गाबेर, अम्रो तारेक।

मिडफील्डर : तारेह हमीद, मेहमुद अबदेल अजीज, शिकाबाला, अबदल्लाह अल साइद, सैम मोर्सी, मोहम्मद अलनी, मेहमुद इखाराबल, रमदान सोभी, मेहमुद ट्रेजेगुएटल, अमर वार्डा।

फॉरवर्ड : मारवान मोहेसेन, अहमद गोमा, अहमद हसन, मोहम्मद सलाह

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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