FIFA WC 2018: किसी से कम नहीं है क्रोएशिया, टीम में एक से बढ़कर एक दिग्गज हैं मौजूूद

फीफा में 40 लाख की आबादी वाले देश क्रोएशिया का पहुंचा जाना चमत्कार समझा जा रहा है, और इसलिए आज फुटबॉल की पूरी दुनिया इसे नमस्कार कर रही है । इस टीम के पास सबसे बड़ी मजबूत ताकत ये है कि जहां उसके पास सबसे अनुभवी हैं वहीं यूरोप के नामी क्लबों के लिए उसके खिलाड़ी खेलते हैं ।

0
178

जयपुर ( स्पोर्ट्स डेस्क) ।फीफा में 40 लाख की आबादी वाले देश क्रोएशिया का पहुंचा जाना चमत्कार समझा जा रहा है, और इसलिए आज फुटबॉल की पूरी दुनिया इसे नमस्कार कर रही है । इस टीम के पास सबसे बड़ी मजबूत ताकत ये है कि जहां उसके पास सबसे अनुभवी हैं वहीं यूरोप के नामी क्लबों के लिए उसके खिलाड़ी खेलते हैं ।

इनमें खासतौर से मेड्रिड ,बार्सिलोना एएटलेटिको मैड्रिड, मोनाको, एसी मिलान, इंटर मिलान, यूवेंट्स, लिवरपूल जैसे क्लबों का नाम भी शामिल रहा है । यही नहीं क्रोएशिया के टीम के 11 खिलाड़ी 2010 से अपने देश की टीम में जगह बनाए हुए हैं ।

और इसलिए मैनचेस्टर यूनाइटेड के कोच मोरिन्हो 1994 में गोल्डन बूट जीतने वाले बुल्गारिया के स्टोइचकोव को इंग्लैंड के खिलाफ क्रोएशिया की जीत पर ज्यादा हैरानी नहीं हुई । बता दें की मोड्रिक, राकिटिच, पेरसिच, वरसाल्को हैं स्पेनिश स्टार सिटी टीम में रियल मेड्रिड से दो, बार्सिलोना से एक एटलेटिको मैड्रिड से एक लिवरपूल से एक, जुवेंट्स से एक मोनाको से एक फुटबॉलर खेलता है।

वैसे इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में तो इंग्लिश मीडिया अपनी टीम को ऐसे प्रचारित किया जैसे यह क्रोएशिया से बिना खेले ही फाइनल में पहुंच जाएगी । लेकिन देखने को कुछ और ही मिला । टीम के पास अनुभव की कोई कमी नहीं है ।

रियल के लिए खेलने वाले माड्रिक, वेदरान, कारलूका 2006 से इवान रेकटिच, मारियो मैंडा्किक 2007 से खेले रहे हैं । मोड्रिक ने 112 और कारलूका ने 103, राकटिच ने 98, मारियो ने 888, पेरसिच ने 72 और विडा ने 62 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं । वहीं फ्रांस के लिए गोलकीपर लारिस 2008 से खेल रहे हैं उन्होंने 103 मैच खेले हैं ।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here