Femina Miss India runner-up : मान्या पहुंचीं अपने घर, बोलीं- कोई चीज नामुमकिन नहीं

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फेमिना मिस इंडिया की रनरअप मान्या सिंह बुधवार को अपने गृह जनपद देवरिया पहुंचीं। इस दौरान उनका जमकर स्वागत हुआ। वह अपने कॉलेज पहुंचीं और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खुद पर भरोसा रहे तो कोई चीज नामुमकिन नहीं है। मान्या ने कहा कि शिक्षा एक ऐसा शस्त्र है, जो पूरी जिंदगी आपके साथ रहने वाला है। इसलिए पढ़ाई पर ध्यान दीजिए और सपने देखना न भूलें। मेहनत करते रहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वह इस क्षेत्र की बेटी हैं। सफलता में मां-बाप और क्षेत्र का बहुत बड़ा सहयोग होता है। लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है। इसके लिए आपको परिश्रम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। अब इस जमाने में जितना कंबल है, उतना ही पैर फैलाने की जरूरत नहीं है। अब उससे बाहर पैर फैलाइए और सोच लंबा रखिए। स्वप्न देखना गलत नहीं, उस पर सही सोच और समय के साथ आगे बढ़िए। सफलता अवश्य कदम चूमेगी।”

मान्या सिंह देवरिया में विक्रम विशुनपुर गांव की रहने वाली हैं। रामपुर गौनरिया चैराहे पर लोगों ने उन पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इसके बाद वे लोहिया इंटर कॉलेज गईं। जहां उन्होंने मौजूद बच्चों से हाथ मिलाकर उनको गले लगाया। मान्या सिंह ने लोहिया इंटर कॉलेज से दसवीं की परीक्षा पास की थी।

इस दौरान बेटी मान्या को लोगों से मिल रहे स्नेह को देखकर उनकी मां मनोरमा देवी काफी खुश नजर आईं। उन्होंने कहा, “हम खुली आंख से सपने देख रहे हैं। भगवान करे, वह और और ऊंचाई तक पहुंचे। हमारी आर्थिक स्थिति खराब थी। मगर बच्चों से यह कभी नहीं कहना चाहिए कि हम गरीब हैं। हमारे पास पैसे नहीं है। ऐसा कहने से बच्चे टूट जाएंगे। बच्चों का सहारा बनना चाहिए। मैंने भी यही किया है।”

वहीं स्कूल के बच्चों का कहना है कि मान्या दीदी हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। उनसे यही सिख मिली है कि पढ़ाई में गरीबी मायने नही रखती है। वहीं स्कूल प्रबंधक अनिल सिंह ने कहा, “हम मान्या को इसीलिए स्कूल लाए हैं कि बच्चो में उत्साह होगा।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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