एफसी गोवा ने जॉर्ज ओरटिज से करार की औपचारिकता पूरी की

0

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की फ्रेंचाइजी एफसी गोवा ने स्पेनिश विंगर जॉर्ज ओरटिज से फ्री ट्रांसफर पर करार की औपचारिकता पूरी करने की गुरुवार को पुष्टि की। 28 वर्षीय जॉर्ज का एफसी गोवा के साथ दो साल का अनुबंध हुआ है और अब वह 2022 की गर्मियों तक क्लब के साथ बने रहेंगे।

जॉर्ज ने क्लब द्वारा जारी एक बयान में कहा, ” यह लीग बहुत प्रतिस्पर्धी है और यह शानदार क्लब है। मैंने एफसी गोवा के मैच देखे हैं जिनका स्तर काफी ऊंचा होता है। मैंने कोच और अन्य अधिकारियों से बात की। मैं भविष्य में इस क्लब के साथ खेलना चाहूंगा।”

एटलेटिको मेड्रिड-बी के पूर्व स्टार जॉर्ज ने अपना पिछला मैच एटलेटिको बेलीरेस के साथ स्पेनिश डीविजन ग्रुप 1 में खेला था। गेटाफे की युवा टीम का हिस्सा रहे जॉर्ज को एटलेटिको डी मेड्रिड बी में भी खेलने का अनुभव है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleअनुच्छेद 370 हटने की वर्षगांठ पर भाजपा ने 1951 से 2019 तक के प्रस्ताव जारी किए
Next articleमोर्निंग न्यूज बुलेटिन, शुक्रवार 07 अगस्त, डालिए एक नजर बडी खबरों पर !
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here