हमेशा बनी रहती है थकान तो हो सकता है यह गंभीर कारण

आज कल लोग पहले जितने  उत्साह और एनर्जी से भरे हुए नही हैं । पहले के लोग के सारा दिन कम करने के बाद भी घर परिवार बीच ऐसे रहते थे जैसे की सारा दिन घर पर ही आराम कर रहे हों ।

0

 

जयपुर । आज कल लोग पहले जितने  उत्साह और एनर्जी से भरे हुए नही हैं । पहले के लोग के सारा दिन कम करने के बाद भी घर परिवार बीच ऐसे रहते थे जैसे की सारा दिन घर पर ही आराम कर रहे हों । इतना ही नही आज कल ;लोग काम पर इस तरह से जाते हैं जैसे जिंदा लाशे काम  पर जा रही है । ना कोई  उमंग न कोई उत्साह ना कोई मजा । बस कंधों पर है तो एक बोझ ।

ऐसे में यदि कोई यह कहता है की उसको तो थकान हमेशा ही लगी रहती है तो हम, इस बात को बहुत ही सामान्य समझ लेते हैं । इतना ही नही कई लोग तो इसके चलते कई गंभीर बीमारी का शिकार भी हो जाते हैं और उनको इस बात का पता तक नही चलता है । आज हम आपको बताने जा रहे हैं की कैसे आपकी यह थकान किसी गंभीर कारण में बादल जाती है । आइए जानते हैं ई बारे में ।

थकान के पीछे कई प्रकार की मेडिकल कंडिशन्स और हेल्थ प्रॉब्लेम्स हो सकती हैं। कुछ कारणों में एनीमिया, थायरॉयड, डायबिटीज, फेफड़े और हृदय रोग शामिल हो सकते हैं।

मां बनने के बाद महिलाओं को भी ऐसा हो सकता है।

डायबिटीज जैसी बीमारी का सही समय पर पता लगा लिया जाए और इलाज किया जाए तो तो थकान दूर हो सकती है।

कुछ मामलों में स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम से थकान को कम किया जा सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या: तनाव, दुख, शराब या नशीली दवाओं का सेवन, चिंता, बोरियत और तलाक के कारण ऐसा हो सकता है। कई लोग नींद नहीं आने की बीमारी के कारण मानसिक रोगी हो जाते हैं।

निमोनिया, अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), वाल्वुलर हार्ट डिजीज, कोरोनरी हार्ट डिजीज, कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर, एसिड रिफ्लक्स और इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज जैसे हार्ट, फेफड़े और पाचन संबंधी बीमारियों के कारण भी थकान महसूस होती है।

देर रात तक काम करना, शिफ्ट में काम करना, जेट लैग, स्लीप एपनिया, नार्कोलेप्सी और रिफ्लक्स एसोफैगिटिस के कारण नींद नहीं आती है और थकान महसूस हो सकती है।

पुराने दर्द वाले रोगी रात में अक्सर जागते हैं। वे आमतौर पर थके हुए लगते हैं। दर्द और नींद की कमी के डबल अटैक के कारण थकान बनी रहती है। कुछ बीमारियों का मुख्य लक्षण दर्द होता है, जैसे फाइब्रोमायल्जिया और इसका संबंध स्लीप एपनिया से होता है। इससे थकान के लक्षण और भी बिगड़ जाते हैं।

अधिक वजन के कारण विभिन्न कारणों से थकान का खतरा बढ़ जाता है। इनमें शामिल है शरीर के अधिक वजन को यहां से वहां ले जाने में जोड़ों और मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है। वहीं कम वजन वाले व्यक्ति भी अपनी स्थिति के कारण आसानी से थक सकते हैं। भोजन संबंधी विकार, कैंसर, पुरानी बीमारी, और ओवरएक्टिव थायराइड के कारण अत्यधिक थकान हो सकती है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here