फ्लाइट मिस होने पर शराब के नशे में रनवे पर दौड़े बाप-बेटे

0
29

आज हम आपको एक ऐसे बाप और बेटे के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि शराब के नशे में एयरपोर्ट के रनवे पर दौडने लगे । जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि ये बाप बेटे शराब पीने में इतने मशगूल हो गए कि उनको फ्लाइट की अनाउंमेंट तक सुनाई नहीं दी । जब उन्हें होश आया तो वे खुद ही एक गेट खोलकर सूटकेस हाथ में लेकर रनवे पर दौड़ने लगे । सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि, ये पूरा मामला इटली के कागलिअरी का है । दोनों ब्रितानी नागरिक लंदन जाने वाले थे ।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बोर्डिंग गेट पर देर से पहुंचने के कारण इन्हें एंट्री नहीं मिली तो इन्होंने इमरजेंसी गेट खोल दिया । दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया । आपको बता दें कि इन दोनों पर करीब 3.4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया ।

 


SHARE
Previous articleलव राशिफल 20 सितंबर 2019: लव रोमांस को लेकर कैसा रहेगा आज का दिन
Next articleइस देश के अमीर लोगों को भी साल के 65 दिन गुजारने पड़ते है अँधेरे में, वजह बेहद दिलचस्प
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here