तमिलनाडु में किसानों ने खुद को गले तक दफन क्यों किया?

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जयपुर। कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने विवादित कावेरी नदी के मामले में अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। 16 फरवरी को दिये इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु का हिस्सा घटाकर 177.25 अरब टीएमसी कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक के हिस्से को 14.27 अरब टीएमसी बढ़ा दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद तमिलनाडु के किसान केंद्र सरकार से नाराज़ चल रहे हैं। राज्य के किसान कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड की स्थापना की मांग कर रहे हैं।

तमिलनाडु में कावेरी के मामले में भाजपा को छोड़कर सारे राजनितक दल एकजुटता दिखा रहे हैं। आज किसानों का विरोध इतना बढ़ गया कि कई किसानों ने खुद को गले तक ज़मीन में दफन कर दिया। इस मामले में सत्ताधीन एआईएडीएमके भी नाराज़ किसानों के साथ ही है।

उधर कर्नाटक में भी कन्नड़ संगठनों ने बंद का आह्वान किया है। 12 अप्रैल को किये जाने वाले इस बंद का मकसद केंद्र सरकार को तमिलनाडु की अपील ना मानने के लिए जा रहा है।

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