Farmer protests : दिल्ली बॉर्डर पर नारेबाजी जारी

0

दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर शनिवार को सूरज की पहली रोशनी के साथ ही किसानों के विरोध प्रदर्शन का दूसरा दिन भी जोर-शोर से शुरू हो गया और ‘काला कानून’ का नारा लगाते हुए नई सुबह का स्वागत किया गया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और सिंघु और टिकरी, दोनों सीमाओं पर नारेबाजी कर रहे हैं।

वहीं विरोध के बीच एक अजीब नजारा देखने को मिला, दरअसल किसानों ने शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए स्वयं बैरिकेडिंग की थी, हालांकि सड़क पर अवरोध के कारण वहां से गुजरने वाले यात्रियों के लिए परेशानी उत्पन्न हो रही थी, क्योंकि इन सीमाओं की ओर जाने वाले विभिन्न मार्गों पर यातायात को डायवर्ट किया गया था।

वे एकजुट स्वर में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और अपनी मांग पर अड़े हैं। इस आंदोलन की योजना दो महीने तक के लिए बनाई गई है। वे तब तक अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे, जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती। वह संसद के मानसून सत्र में पारित कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।

टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान एकता समूह के एक सदस्य का कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे छह महीने तक विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

फतेहाबाद से आए समूह ने कहा, “हमारे पास अगले छह महीनों के लिए भोजन और अन्य चीजों की व्यवस्था है। अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो हम महीनों तक यहां आसानी से बैठ सकते हैं।”

वहीं सुरक्षा बल वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार तैनाती की व्यवस्था करने में व्यस्त हैं। पंजाब, हरियाणा और चार राज्यों से गुरुवार को शुरू हुआ मार्च सप्ताहांत में प्रवेश कर चुका है, ऐसे में परिस्थिति को कैसे संभालना है इसका निर्देश अधिकारी सुरक्षा बलों को दे रहे हैं।

अधिक किसानों के सीमा पर पहुंचने और राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश की संभावना को देखते हुए कंक्रीट स्लैब, कंसर्टिना तार, रेत से भरे ट्रक से रास्ते को जाम किया गया है।

वहीं प्रशासन ने शाम को अंतत: उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में निरंकारी समागम मैदान की पेशकश की, जहां दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग पर सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं ने प्रदर्शन किया।

कुछ किसान नेता देर से बुराड़ी मैदान पहुंचे, जबकि कई बैरिकेड पर ही रुके रहे।

लगभग 50 किलोमीटर तक टिकरी सीमा पर शुक्रवार को भी पूरे दिन ऐसी ही झड़प देखने मिली, जहां एक ओर किसानों पर पानी की बौछारे होती रही और किसान अपने ट्रकों और ट्रैकर्स के साथ राष्ट्रीय राजधानी में जाने का प्रयास करते रहे।

ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, करीब 300 से अधिक ट्रैक्टर और कई ट्रक अभी भी दोनों सीमाओं के दूसरी ओर खड़े हैं। हालांकि, रात में किसानों के लिए पोर्टेबल शौचालय, पानी के टैंकर, मोबाइल डिस्पेंसरी और लंगर सेवा प्रदान की गई।

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleRelationship tips:आप अपने रिलेशनशिप के रिश्ते को इस प्रकार रखें बेहत्तर और मजबूत
Next articleओला, उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स को विनियमित करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए।
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here