Central Government के प्रस्ताव पर किसान नेताओं का रुख सकारात्मक, बोले- विचार करेंगे

0

केंद्र सरकार की ओर से डेढ़ साल तक कृषि कानूनों को होल्ड पर रखकर कमेटी के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने के प्रस्ताव को किसान नेताओं ने सकारात्मक रूप से लिया है। किसान नेताओं का कहना है कि यह विचार करने लायक प्रस्ताव है। ऐसे में सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि आपसी राय मशविरा कर 22 जनवरी को होने वाली 11 वें दौर की बैठक में सरकार को अपने रुख से अवगत कराएंगे। सरकार के बड़ा स्टैंड लेने के बाद आंदोलन के जल्द सुलझने के आसार दिखाई देने लगे हैं। विज्ञान भवन की अब तक सभी 10 बैठकों में शामिल रहे किसान नेता शिवकुमार कक्का ने कहा, “हमें कमेटी पर भरोसा नहीं है, लेकिन सरकार ने कानूनों को होल्ड करने की बात कही है, यह जरूर विचार करने वाली बात है। केंद्र ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है, हम कल इस पर चर्चा कर अपनी राय बनाएंगे।”

बैठक में मौजूद रहे किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा, “केंद्र सरकार ने हमसे कहा कि 3 कानूनों को होल्ड पर करने के लिए हम सुप्रीम कोर्ट को एफिडेविट दे देंगे। दोनों पक्षों के बीच मुद्दों के सुलझने तक एक से डेढ़ साल तक कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की बात सरकार ने कही है। सरकार का यह प्रस्तााव विचार करने लायक है। ऐसे में 21 जनवरी को किसान संगठनों की मीटिंग में इस पर चर्चा होगी।”

ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव हनन मुल्लाह ने भी सरकार के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा, “सरकार ने बैठक में कहा कि कोर्ट में एफिडेविट देकर हम कानून को डेढ़- दो साल तक रोक सकते हैं। इस दौरान कमेटी जो रिपोर्ट देगी, हम उसको लागू करेंगे। अब सभी किसान संगठन 21 जनवरी को सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा कर 22 जनवरी की बैठक में अपना जवाब देंगे। किसान नेताओं का रुख हमेशा से सकारात्मक रहा है।”

news source आईएएनएस

SHARE
Previous articleओला और सीमेंस तमिलनाडु में भारत के सबसे उन्नत ईवी विनिर्माण संयंत्र विकसित करने के लिए एक हो चुके है
Next articleSushant Birthday: सुशांत के जन्मदिन के मौके पर कंगना रनौत ने किया अभिनेता को याद, बॉलीवुड पर साधा निशाना
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here