सरकार को दो माह का समय, वरना वह करेंगे जो भारत के इतिहास में नहीं हुआ

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जयपुर। एससी एसटी एक्ट को लेकर बीजेपी की मुश्किले बढ़ती जा रही है। एससी एसटी एक्ट को लेकर बीजेपी के लिए विरोध के स्वर चरों और दिखाई दे रहे है। सवर्ण समाज के बंद के बाद कई बीजेपी नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा दे रहे है।

सवर्ण आंदोलन में उतरे विख्यात कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा की एससी-एसटी एक्ट में संशोधन करने के लिए सरकार के पास दो माह का समय है, वरना हम वह करके दिखाएंगे जो भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ। बिना जांच के गिरफ्तार करने का कानून तो पाकिस्तान में भी नहीं है। देश को जाति में बांटने वाले गद्दारों को उनकी औकात दिखा दी जाएगी। मर्डर और घोटाले में बेल और झूठी रिपोर्ट कराने पर जेल, यह कैसा कानून है।

आपको बता दे की एससी एसटी एक्ट में प्रावधान था की अगर कोई किसी को उसकी जाती के आधार पर अपमान करने की कोशिश करेगा तो उसकी इस मामले में तुरंत गिरफतारी का प्रावधान था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ने एक मामले की सुनवाही करते हुए इस मामले तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी थी और गिरफ़्तारी की प्रक्रिया को मुश्किल कर दिया था।

कोर्ट के इस फैसले के बाद दलित समाज सडको पर उतरा और भारत बंद भी किया उसके बाद कई एनडीए के दलित नेताओं ने सरकार पर दबाव बनाया की वो इस एक्ट में संशोधन करे।जिसके बाद सरकार ने इस एक्ट को पहले जैसे करने का निर्णय लिए जो बात स्वर्ण समाज को पसंद नहीं आ रही है।

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