मशहूर अभिनेत्री और फिल्म निर्माता विजया निर्मला का निधन

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दिग्गज तेलुगु अभिनेत्री और फिल्म निर्माता जी. विजया निर्मला का गुरुवार को निधन हो गया। उनके बेटे नरेश ने इस खबर की पुष्टि की। वह 75 साल की थीं। नरेश जो कि खुद भी एक मशहूर तेलुगु अभिनेता हैं, अपनी मां के निधन की जानकारी उन्होंने ट्विटर के माध्यम से दी।

नरेश ने ट्वीट किया, “मुझे आपको यह सूचित करते हुए खेद है कि मेरी मां, वरिष्ठ कलाकार, प्रतिष्ठित निर्माता और निर्देशक डॉ. ए जी विजया निर्मला का निधन आज तड़के हो गया। 27.6.2019 को हैदराबाद के कॉन्टिनेंटल अस्पताल में बीमारी की वजह से। वह 75 साल की थीं।”

नरेश ने यह भी लिखा, “सुबह 11 बजे से उनके पार्थिव शरीर को हमारे घर में रखा जाएगा। अंतिम संस्कार कल (शुक्रवार) होगा।”

विजया निर्मला ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार से की थी। महज पांच साल की उम्र में साल 1950 में तमिल फिल्म ‘मच्चा रेकाई’ से उन्होंने एक्टिंग में अपना डेब्यू किया और इसके चार साल बाद फिल्म ‘पांडुरंग महाथयाम’ से उन्होंने तेलुगु फिल्म के क्षेत्र में कदम रखा।

साल 1964 में आई मलयालय फिल्म ‘भार्गवी निलयम’ से वह लोगों के बीच मशहूर हुईं। इसके बाद मशहूर मलयालय कलाकार प्रेम नजीर के साथ ‘उद्योगस्था’ में काम करने का उन्हें दोबारा मौका मिला।

एक प्रमुख महिला कलाकार के रूप में उन्होंने फिल्म ‘रंगुला रत्नम’ में वाणीस्त्री और अंजलि देवी के साथ तेलुगु फिल्म में डेब्यू किया। 1967 में तेलुगु फिल्म ‘साक्षी’ के सेट पर उनकी मुलाकात अभिनेता कृष्णा से हुई जिसके साथ उन्होंने 47 फिल्मों में काम किया और आखिरकार दोनों ने शादी कर ली। हालांकि यह उनकी दूसरी शादी थी।

विजया निर्मला ने 44 फिल्मों का निर्देशन किया। एक फिल्म निर्माता के तौर पर उन्हें शिवाजी गणेशन और रजनीकांत जैसे चर्चित कलाकारों को निर्देशित करने का सौभाग्य मिला।

उनकी अन्य निर्देशकीय परियोजनाओं में ‘राउडी रंगम्मा’, ‘सीरिमल्ले नव्वेनदी’, ‘बेजवाड़ा बेबुल्ली’ और ‘कलेक्टर विजया’ सहित और भी कई फिल्में शामिल हैं।

एक महिला फिल्म निर्माता द्वारा निर्देशित अधिकांश फिल्मों के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है।

तेलुगु फिल्म जगत के सदस्यों ने इस दौरान ट्वीट कर उन्हें याद किया।

एन. टी. रामा राव जूनियर ने लिखा, “अग्रणी फिल्म निर्माता जिनकी जिंदगी कई लोगों के लिए प्रेरणा है।”

अभिनेता नितिन ने कहा कि उनका निधन तेलुगु इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है।

अभिनेता सुधीर बाबू ने विजया निर्मला के वर्णन ‘एक मां जैसी व्यक्तित्व’ के रूप में किया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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