‘कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया 8 करोड़ 70 लाख यूजर्स का डेटा’: फेसबुक

0
183

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डॉनाल्ड ट्रंप की चुनावी प्रचारक कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा फेसबुक यूजर्स का डेटा चोरी मामले के खिलाफ लगभग सभी कानूनी कार्यवाहियां पूरी हो चुकी हैं। जहां ब्रिटिश कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका को निलंबित कर दिया गया है तो वहीं मामले में संलिप्त रहने पर ब्रिटिश संसदीय समिति ने फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग पर कानूनी कार्यवाहियां की गई हैं। फिल्हाल, फेसबुक डेटा चोरी मामला शांत है लेकिन इस बीच एक बड़ा सवाल खडा होता है कि आपका फेसबुक डेटा कितना सुरक्षित है।

दरअसल, फेसबुक के हालिया बयान के मुताबिक, “ब्रिटेन की राजनीतिक डेटा विश्लेषक कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका (सीए) के साथ 8 करोड़ करोड़ 70 लाख फेसबुक यूजर्स का डेटा और निजी जानकारियां साझा की गई थीं। फेसबुक डेटा चोरी का शिकार बने ज्यादातर फेसबुक यूजर्स अमेरिका के ही थे।” जाहिर है कि अमेरिकी राषट्रपति चुनावों में जीत का रुख ट्रंप की तरफ मोडने के लिए कैम्ब्रिज एनालिटिका को ही जिम्मेदार बताया जा रहा है। इस कंपनी पर आरोप है कि गैरकानूनी रूप से अमेरिकी फेसबुक यूजर्स का डेटा चुराकर ट्रंप के चुनावी प्रचार में उसका गलत इस्तेमाल किया।

Image result for mike scrofer facebook

”आठ करोड़ 70 लाख लोगों की जानकारियां कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ गलत तरीके से साझा की गई। इनमें ज्यादातर यूजर्स अमेरिका के हैं। लेकिन फेसबुक अपने यूजर्स का निजी डेटा पर अधिक सुरक्षा और नियंत्रण बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।- मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी माइक स्क्रोफर (फेसबुक)

Related image

स्क्रोफर ने यह भी कहा कि “सोमवार तक फेसबुक यूजर्स के अकाउंट में नए प्राइवेसी टूल्स का फीचर जोड़ दिया जाएगा। वहीं किसी फेसबुक यूजर्स की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए उसका फोन नंबर या ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।” हालांकि, पिछले महिने फेसबुक ने पुष्टि की थी कि अनियमित विज्ञापन और टूल्स को फेसबुक से हटाया जाएगा जिससे फेसबुक यूजर्स का उनके अकाउंट्स पर पहले से बेहतर नियंत्रण स्थापित होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here