सफलता के लिए निर्यातक नए बाजार तलाशें : पीयूष गोयल

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को देश के निर्यातकों से प्रतिस्पर्धी बनने, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मुहैया कराने और नए बाजार तलाशने का आह्वान किया।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा निर्यात पर आयोजित एक डिजिटल समिट में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भविष्य की विकास दर उद्योग औैर निजी क्षेत्र पर निर्भर है और सरकार को इसमें अपेक्षाकृत कम भूमिका निभानी है।

गोयल ने इसके अतिरिक्त भारत का निर्यात बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण तरीके गिनाए- विनिर्माण में तेजी लाना, निर्यात बास्केट का विविधीकरण करना, और नए व अधिक स्वीकार्य बाजार तलाशना।

उन्होंने कहा कि निर्यात के विविधीकरणके अलावा क्षमता के मौजूदा क्षेत्रों का समेकन हमारी आर्थिक विकास दर के लिए आवश्यक है।

मंत्री गोयल के अनुसार, ऑटो कल-पुर्जा सेक्टर, फर्नीचर, एयर कंडिशनर, और अन्य सेक्टर में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने का भारत के पास एक विशाल अवसर है।

उन्होंने आगे कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ कार्यक्रम सिर्फ आत्मनिर्भर होने के बारे में नहीं है, बल्कि यह क्षमतावान स्थिति के साथ दुनिया से जुड़ने के लिए भी है।

गोयल ने कहा कि भारत को विश्व बाजार में एक भरोसेमंद साझेदार और विश्वसनीय दोस्त के रूप में दिखाई देना चाहिए, खासतौर से ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति श्रंखला एक बदलाव से गुजर रही है।

उन्होंने निर्यातक समुदाय को आश्वस्त भी किया कि सरकार, चाहे केंद्र की हो या राज्य की, पूरी मदद मुहैया कराने के लिए उपलब्ध है और मिलकर काम करने को इच्छुक है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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