Peshawar के मदरसे में विस्फोट, 8 की मौत, 125 घायल

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पाकिस्तान के पेशावर के एक मदरसे में हुए बम विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 125 लोग घायल हो गए। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के दीर कॉलोनी में स्थित जामिया जुबेरिया मदरसा में कुरान की पढ़ाई के दौरान यह हादसा हुआ।

पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त मदरसे में करीब 40-50 छात्र मौजूद थे।

मदरसा प्रशासन ने कहा है कि इस वक्त यहां भर्ती छात्रों की संख्या 1,100 है।

पेशावर शहर के एसपी वकार अजीम ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि सुबह आठ बजे के करीब एक अनजान आदमी मदरसे में आया और अपने पीछे स्कूल में एक बैग छोड़कर चला गया।

उन्होंने कहा कि उस बैग में ही आईईडी डिवाइस के होने की बात कही जा रही है। धमाका उस वक्त हुआ, जब छात्र सुबह-सुबह अपनी पढ़ाई के लिए मदरसा पहुंचने लगे थे।

बम निरोधक दस्ते (एआईजी) के सहायक महानिरीक्षक शफकत मलिक ने पुष्टि की कि धमाके के लिए पांच किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।

पेशावर के लेडी रीडिंग हॉस्पिटल में मृतकों के शवों और घायलों को भेज दिया गया है। अस्पताल के निदेशक तारिक बुर्की ने कहा है कि सात मृतकों में चार बच्चे हैं और घायलों में भी कम से कम 50 बच्चे हैं।

इस बीच, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह भी पुष्टि की है कि घायलों में दो शिक्षक हैं।

इस हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी भी आतंकी समूह ने नहीं ली है।

घटनास्थल का दौरा करने के बाद खैबर पख्तूनख्वा के स्वास्थ्य मंत्री तैमूर सलीम झागरा ने संवाददाताओं को बताया कि घायलों में रिकवरी की संख्या को बढ़ाए जाने के मद्देनजर हर संभावित बेहतर उपचार पर गौर फरमाया जा रहा है।

खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने पुलिस को इस पर तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और प्रधानमंत्री इमरान खान ने धमाके की निंदा करते हुए कहा है, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो भी आतंकी समूह इस कायरतापूर्ण बर्बर हमले के लिए जिम्मेदार है, उसे जल्द से जल्द न्याय मिले।”

यहां के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तानी मुस्लिम लीग के वरिष्ठ नेता नवाज शरीफ ने कहा है कि “मदरसे पर जिन्होंने हमला किया है, वे मुस्लिम नहीं हो सकते हैं।” साथ में उन्होंने यह भी कहा कि मंगलवार की यह घटना उन्हें साल 2014 में पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए हत्याकांड की याद दिलाती है, जिसमें 132 बच्चे और 17 कर्मी मारे गए थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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