Indira Gandhi: 1977 की हार के बाद इंदिरा गांधी को दो बार जाना पड़ा था जेल, फिर से यूं पाई सत्ता….

0

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर 31 अक्टूबर 1984 को उनके अंगरक्षकों ने गोलियों बरसा दी थी। गोलियां से छलनी हुए इंदिरा के शरीर से रक्त बह रहा था। एम्स के चिकित्सकों ने खून को रोकने की कोशिश की और 88 बोतल ओ निगेटिव खून चढ़ाया गया। लेकिन कुछ कम नहीं आ सका। दोपहर 2 बजर 23 मिनट पर आधिकारिक रूप से इंदिरा की मौत का ऐलान ककर दिया गया। उनके शरीर से 31 गोलियां निकाली गई थीं।

उन्होंने जनसंख्या को कम करने के लिए आपातकाल में नसबंदी योजना शुरू की। इसके खिलाफ लोगों में आक्रोश देखने को मिला। साल 1975 में जब उनके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन हुआ तो उन्होंने आपातकाल का ऐलान कर दिया। नतीजा ये निकला कि 1977 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को करारी हार झेलनी पडी। इंदिरा गांधी की दोस्त पुपुल जयकर ने लिखा है कि इंदिरा गांधी को डर था कि कहीं मोरारजी सरकार उन्हें गिरफ्तार ना करवा दे। आखिरकार उनका भय सही साबित हुए जब मोरारजी सरकार ने 3 अक्टूबर 1977 को इंदिरा गांधी को गिरफ्तार करवा दिया। उनके साथ चार पूर्व केंद्रीय मंत्रियों को भी जेल में डाल दिया गया।

इंदिरा पर 1977 के चुनाव में दो कंपनियों से जबरन 104 जीप लेने का आरोप लगा था। इसके अतिरिक्त फ्रांसीसी कंपनी को 1.34 करोड़ रुपये पेट्रोलियम ठेके में गड़बड़ी का भी आरोप लगा था। 1978 में जब जनता पार्टी की सरकार ने दोबारा इंदिरा गांधी को गिरफ्तार करवाया तो देशभर में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए थे। हालांकि, इंदिरा ने कम समय के भीतर जनता में फिर से जोश भरा था। पांच दिन बाद इंदिरा को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

Read More…
First Seaplane Service in India: देश के पहले सी-प्लेन को हरी झंडी, पीएम मोदी ने किया पहला सफर….
Indira Gandhi Death Anniversary: इंदिरा गांधी की हत्या और उसके बाद भयावहता को बयां करते वो 12 घंटे….

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here