हर साल हर व्यक्ति कम से कम एक पेड़ जरूर लगाए : शिवराज

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे साल में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएं। वश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश की जनता के नाम दिए गए संदेश में कहा गया है, “हम प्राकृतिक धरोहर और जैव विविधता के संरक्षण के अपने दायित्व को पूरा करने का प्रयास करें। प्रत्येक व्यक्ति साल में कम से कम एक वृक्ष जरूर लगाएं।”

मुख्यमंत्री चौहान ने आगे कहा है, “मध्यप्रदेश जैव विविधता की ²ष्टि से एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। मध्यप्रदेश में सतपुड़ा, विंध्याचल और मैकल पर्वत श्रृंखलाओं के साथ जीवन-दायिनी नर्मदा मैया का प्रवाह है। इसके साथ ही क्षिप्रा, चंबल, बेतवा और ताप्ती जैसी नदियां प्रदेश की जल संपदा को समृद्ध करती है, हमारी धरोहर हैं।”

उन्होंने कहा है कि वर्तमान समय में संपूर्ण मानवता एक कठिन दौर से गुजर रही है। इसको देखते हुए जैव विविधता को पर्यावरण दिवस का मुख्य विषय बनाना प्रासंगिक है। पर्यावरण की रक्षा और जैव विविधता के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश सरकार संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किए गए अध्ययन और अनुभव बताते हैं कि यदि हम जीव-जगत की विविधता का सम्मान नहीं करेंगे तो परोक्ष रूप से हम पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का मूल आधार ही समाप्त कर देंगे।”

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, “कोरोना वायरस से जनित महामारी ने दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती उपस्थित कर दी है। एक तरफ जहां यह चुनौती है, वहीं यह चुनौती एक अवसर भी है कि हम समकालीन पर्यावरणीय समस्याओं, जैव विविधता के संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों, प्रदूषण के विभिन्न कारकों तथा मनुष्यों और जीव-जगत के द्वंद्व, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे विषयों पर चिंतन करें। इन महत्वपूर्ण विषयों का परस्पर अंतर्निहित संबंध भी है। हमें इन सभी को गहराई से समझ कर समग्र समाधान की दिशा में आगे बढ़ना होगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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