नस्लभेदी टिप्पणी पर मैदान छोड़ देगी इंग्लैंड फुटबाल टीम

0

इंग्लैंड फुटबाल टीम के स्ट्राइकर टैमी अब्राहम ने साफ कर दिया है कि यूरो-2020 क्वालीफायर में अगर चेक गणराज्य और बुल्गारिया की टीमों के खिलाफ होने वाले मैचों में उनकी टीम को नस्लभेदी टिप्पणी का शिकार होना पड़ा तो वह मैदान छोड़ देगी। इंग्लैंड शुक्रवार को चेक गणराज्य और सोमवार को बुल्गारिया के खिलाफ आधे बंद स्टेडियम में मैच खेलेगी। यह मैच बुल्गारिया नेशनल स्टेडियम में होने हैं।

स्टेडियम को आधा बंद करने के आदेश यूईएफए ने दिए हैं क्योंकि उनके प्रशंसकों ने जून में चेक गणराज्य और कोसोवो के खिलाफ खेले गए मैचों में नस्लवादी टिप्पिणयां की थीं।

बीबीसी ने अब्राहम के हवाले से लिखा है, “अगर यह हममें से किसी एक के साथ भी होता है तो यह हम सभी के साथ होगा।”

उन्होंने कहा, “हैरी केन ने यहां तक कह दिया है कि अगर हम खुश नहीं होंगे और हमारे खिलाड़ी खुश नहीं होंगे, तो हम एकसाथ मैदान से बाहर आ जाएंगे।”

पिछले महीने इंग्लैंड के मैनेजर साउथगेट ने कहा था कि नस्लीय भेदभाव चिंता का विषय है और इससे निपटने के लिए रणनीति की जरूरत है।

नस्लवाद को लेकर यूईएफए के तीन चरणों वाले प्रोटोकॉल के मुताबिक, अगर रैफरी के चेतावनी देने पर भी प्रशंसक खिलाड़ियों पर नस्लभेदी टिप्पणियां करना बंद नहीं करते तो रैफरी मैच को रद्द कर सकता है।

अब्राहम ने कहा, “हमने इसे लेकर बात की है। हैरी केन ने कहा कि इस तीन चरणों वाले प्रोटोकॉल को इस्तेमाल करने के बजाए अगर हम फैसला लें कि हम मैच नहीं खेलेंगे- चाहे जो भी स्कोर हो – अगर हम इससे खुश नहीं हों, तो एक टीम के तौर पर हम फैसला लेंगे कि हमें मैदान पर रहना है या नहीं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleमरते दम तक एक्टिंग करियर में धमाल मचाती रहूंगी-करीना कपूर
Next articleसिडनी में डॉक्टर बॉयफ्रेंड से एलविन शर्मा ने रचाई सगाई,देखें खूबसूरत तस्वीरें
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here