Why Cheat India? इमरान हाशमी ने बताई इसके पीछे की कहानी

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बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी इन दिनों अपनी अगली फिल्म को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। इस वक्त इमरान हाशमी फिल्म के प्रमोशन में जुटे हुए है। हाल ही में ​फिल्म के प्रमोशन को लेकर वो इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान इमरान ने अपनी फिल्म को लेकर कई तरह की बातें की। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म इस विषय पर है, उन्होंने देश के एजुकेशन सिस्टम पर भी सवाल उठाए।

इमरान हाशमी ने कहा कि, मैं ऐसे लोगों को जानता हूं जो कुछ न करके भी 95 फीसदी तक मार्क्स पाते हैं। फेक डिग्री पाकर डॉक्टर-इंजीनियर बन जाते हैं। आपको पता नहीं होता कि जो डॉक्टर आपको प्रिसक्रिप्शन लिख रहा है, वह क्वालिफाइड नहीं है। इसी बारे में हमारी फिल्म वाय चीट इंडिया है।

उन्होंने आगे कहा कि, हमारा एजुकेशन सिस्टम मूल रूप से फ्रैक्चर्ड और फ्रॉड है। इसे बदलने के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन की जरूरत है। आप अपनी जिंदगी के 10 साल सिर्फ फैक्ट चेक करने में बिता देते हैं। आज लगभग हर राज्य में संगठित रूप से चीटर्स माफिया काम कर रहे हैं। आपको हो सकता है इसकी कोई जानकारी न हो, बहुत से अयोग्य स्टूडेंट चीटिंग माफिया को पैसा देते हैं और वे उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर बनाते हैं। वे घर बैठे एग्जाम देते हैं, कमाल के नंबर पाते हैं।

इमरान ने बताया कि, उनकी फिल्म का नाम रिलीज से पहले चेंज हो गया। इसे चेंज कराने के पीछे क्या लॉजिक है, ये उन्हें समझ नहीं आया। इसीलिए कहा जाता है सेंसलेस सेंसर बोर्ड। आपको बता दें कि इमरान की इस फिल्म का नाम पहले चीट इंडिया था जिसका बदलकर अब वाय चीट इंडिया कर दिया गया है।

इमरान ने अपने अनुभव के बारे में बताया कि, मेरे स्कूल ने मुझे वोकेशनली तैयार किया है, लेकिन आर्ट की ओर कोई दिशा नहीं दिखाई। 10 साल तक मैं रट्टा मार रहा था, जैसा कि हम सब स्कूल में करते हैं। 5 साल तक कॉमर्स में रहने के बाद मुझे पता चला कि मुझे आर्ट्स की तरफ जाना चाहिए, मैं समय बर्बाद कर रहा हूं।

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