भारत में इलेक्ट्रिक कारो में 20 प्रतिशत गाड़ियों की सप्लाई कर सकती है विदेशी कंपनियां, जानिए इसके कारण

0
47

जयपुर। भारत सरकार के 10,000 इलेक्ट्रिक कारो का टेंडर का 20 प्रतिशत हिस्सा निसान, हुंडई और किया मोटर्स जैसी कंपनियों को दिया है। केंद्र सरकार इनमें कुछ अपग्रेडेड सेडान और लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों को भी शामिल करना चाहती है।

सरकारी कंपनी, एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड ने 10,000 इलेक्ट्रिक कारों के लिए इस साल अप्रैल में ग्लोबल टेंडर निकाला था। पिछले टेंडर के दौरान कंपनी ने बेसिक इलेक्ट्रिक करों को खरीदने की बात कही थी।

हालांकि, इस बारे में अंतिम फैसला डिपार्टमेंट ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज (DHI) की तरफ से चार्जिंग स्टेशन के स्पेसिफिकेशंस पर डिपेंड करेगा। चार्जिंग स्टेशंस के स्पेशिफिकेशंस के हिसाब से ईईएसएल 20 प्रतिशत गाड़ियों को हटा सकती है।

EESL के एमडी सौरभ कुमार ने कहा, ‘जरूरी नहीं कि ये 20% गाड़ियां लग्जरी हों। ये नेक्स्ट जेनरेशन की सेडान कार भी हो सकती हैं। चार्जिंग स्पेसिफिकेशन में बदलाव होने पर ऐसी कारें भी खरीदी जा सकती है जो पिछले टेंडर में संभव नहीं था।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि पिछले टेंडर में अयोग्य ठहराई गई जापानी कंपनी निसान ने मौजूदा टेंडर में लग्जरी इलेक्ट्रिक कारें सप्लाई करने का ऑफर दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here