आलू, प्याज, दाल के दाम नियंत्रण में रखने को उठाए गए प्रभावी कदम : Goyal

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि आलू, प्याज और दाल की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने समय पर प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आलू पर आयात शुल्क 30 फीसदी है, लेकिन सरकार ने 10 फीसदी आयात शुल्क पर 10 लाख टन आलू आयात का कोटा तय किया है। तय कोटे के तहत आलू का आयात 31 जनवरी 2021 तक किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विदेशों से अब तक 7,000 टन प्याज आ चुका है और दिवाली से पहले 25,000 टन और आने का अनुमान है।

रेलमंत्री पीयूष गोयल इस समय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि वह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पहले से ही हैं।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए गोयल ने प्याज के दाम पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से हाल में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि विगत कुछ दिनों से प्याज की कीमत (खुदरा भाव) 65 रुपये प्रति किलो पर स्थिर है और त्योहारी सीजन में आगे कीमत नियंत्रण में रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि आलू की कीमत भी 42 रुपये प्रति किलो पर स्थिर है और आगे आयात होने पर कीमतों में गिरावट आएगी।

उन्होंने कहा कि प्याज के दाम को नियंत्रण में रखने के लिए सही समय पर कदम उठाते हुए सरकार ने 14 सितंबर को ही प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी और उसके बाद आयात भी शुरू कर दी गई, इसके लिए आयात के नियमों को आसान बनाया गया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “अब तक विदेशों से 7,000 टन प्याज आ चुका है और दिवाली से पहले 25,000 टन और आने का अनुमान है। इसके अलावा नई फसल की आवक भी बढ़ेगी जिससे त्योहारी सीजन में कीमतें नियंत्रण में रहेंगी।”

कारोबारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारत में इस समय मिस्र, तुर्की, हॉलेंड, ईरान और अफगानिस्तान से प्याज मंगाया जा रहा है।

प्याज के थोक एवं खुदरा व्यापारियों के लिए तय की गई स्टॉक सीमा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पांच साल के औसत मूल्य की तुलना में दाम 100 फीसदी से ज्यादा हो जाने पर 23 अक्टूबर को प्याज पर स्टॉक लिमिट लगा दी गई, जिसके अनुसार, थोक व्यापारियों के लिए अधिकतम 25 टन और खुदरा व्यापारियों के लिए अधिकतम दो टन प्याज रखने की सीमा तय की गई है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों को प्याज की ग्रेडिंग व पैकिंग के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। मतलब मंडी में प्याज की खरीद के बाद तीन दिन तक उसकी पैकिंग व ग्रेडिंग के बाद स्टॉक सीमा लागू होगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में प्याज के बीज की आगे कमी न हो, इसलिए प्याज के बीज के निर्यात पर रोक लगा दी गई है। इससे पहले प्याज के बीज का निर्यात नियंत्रित श्रेणी में था, जिसके तहत निर्यात के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता होती थी।

उन्होंने कहा कि नाफेड ने बफर स्टॉक से अब तक 36,000 टन प्याज राज्य सरकारों व खुले बाजार की बिक्री के जरिए उतारा है।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि दाल के दाम को नियंत्रण में रखने के लिए भी कदम उठाए गए हैं और बफर स्टॉक से राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को दाल मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों में दो लाख टन तुअर बफर स्टॉक से खुले बाजार में उतारा जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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