शिक्षण संस्थान फोन, मेल, सोशल मीडिया के जरिए बनाएंगे छात्रों से संपर्क

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लॉकडाउन के कारण बंद पड़े विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं शिक्षण संस्थान अब अपने छात्रों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करेंगे। छात्रों से प्रतिदिन संपर्क स्थापित करने के लिए फोन कॉल, ईमेल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व अन्य डिजिटल माध्यम अपनाए जाएंगे, ताकि लॉकडाउन की अवधि में भी छात्रों एवं शिक्षण संस्थानों का सामंजस्य बना रहे। कोरोना वायरस को लेकर भी छात्रों को विशेष रूप से सजग किया जा रहा है। छात्रावासों में रह रहे छात्रों के लिए छात्रावास के वार्डन, सीनियर फैकल्टी के नेतृत्व में छात्रों के कोविड-19 सहायता समूह बनाए गए हैं। छात्रों के लिए बनाए गए यह समूह ऐसे छात्रों की पहचान करेंगे, जिन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है और उन्हें आवश्यक सहायता दी जाएगी।

इस संबंध में यूजीसी ने भी छात्रों के हितों और उनके स्वास्थ्य के मद्देनजर विशेष पहल की है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने कुलपतियों को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 के समय और बाद में स्टूडेंट्स के मानसिक स्वास्थ्य तथा मनो-सामाजिक चिंताओं पर गौर करना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने पत्र में कहा, “मौजूदा स्थिति में छात्रों में उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य मुद्दों को लेकर तनाव या अवसाद जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विश्वविद्यालय और कॉलेजों को मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन शुरू करनी चाहिए। इस हेल्पलाइन पर नियमित रूप से नजर रखी जाए और काउंसलर तथा संकाय सदस्यों द्वारा उसको प्रबंधित किया जाए।”

जैन ने कहा, “विश्वविद्यालय छात्रावास वॉर्डन और वरिष्ठ संकाय के नेतृत्व में छात्रों के लिए कोविड-19 सहायता समूह भी बनाया जाए, जो मदद की दरकार रखने वाले दोस्तों और सहपाठियों की पहचान करे।”

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों द्वारा नियमित तौर पर छात्रों से बातचीत करना और अपीलए पत्र के माध्यम से उन्हें शांत और तनाव मुक्त रहने की सलाह दी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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