खाद्य तेल की कीमतों में भारी उछाल, 15 से 20 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ तेल

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Bottle of Olive oil pouring in a glass bowl with olives and branch

देश में बढ़ती महंगाई और गिरती जीडीपी का असर लोगों के घरेलू बजट पर असर डाल रहा है। भारत सरकार द्वारा मलेशिया से आने वाले रिफाइंड पाम ऑयल पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद खाद्य तेल के भावों में बढ़ोतरी आई है। खाद्य तेल की कीमतों में पिछले ढाई महीने के दौरान तेजी आई हैं। इस बीच तेल की कीमतों में 15 से लेकर 20 रुपये प्रति लीटर तक इजाफा हुआ है।

अब सरकार तेल की कीमतों में बड़ी राहत दे सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि बढ़ते दामों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ड्यूटी घटा सकती है। विश्लेषकों के अनुसार, तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की एक वजह तिलहन का उत्पादन कम होना है। यदि सरकार तेल कीमतों से ड्यूटी में कटौती करती है। तो सस्ते होने की उम्मीद बढ़ जाती है। हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए तो यह फायदेमंद होगा लेकिन, किसानों को इससे नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों को तिलहन की अच्छी कीमत नहीं मिलेगी तो किसान तिलहन की खेती से दूरी बना लेंगे। इससे भारत में तिलहन का उत्पादन कम हो जाएगा और आयात पर निर्भरता बढ़ जाएगी। कृषि मंत्रालय के पूर्व सचिव डॉ एस के पटनायक का कहना है कि भारत में ढाई करोड़ टन तेल की खपत है। तेल की पूर्ति नहीं होने के कारण डेढ़ करोड़ टन तेल आयात किया जाता है। देश के किसान एक करोड़ टन तिलहन का उत्पादन कर पाते हैं। ऐसे में आयात पर निर्भरता ज्यादा रहेगी। केंद्र सरकार ड्यूटी कम कर लोगों को राहत दे सकती हैं

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