अर्थव्यवस्था को 200 अरब डॉलर राहत पैकेज की जरूरत : एसोचैम

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उद्योग निकाय एसोचैम ने कहा है कि अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रभाव के कारण सबसे गहरी वैश्विक मंदी को विफल करने के लिए एक प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत है। एसोचैम ने केंद्र से भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अगले 12 से 18 महीनों में कम से कम 200 से 300 अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज के लिए आग्रह किया है।

एसोचैम ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए कम से कम 200 अरब डॉलर की प्रोत्साहन राशि की आवश्यकता है। अगले तीन महीनों में 50-100 अरब डॉलर एकमुश्त नकदी की जरूरत है। यह नकदी नौकरियों और आय के नुकसान की भरपाई करने के लिए होगी। सरकार को जीएसटी में तीन महीने के लिए 50 फीसदी और वित्तीय वर्ष के लिए 25 फीसदी दर कम करने पर विचार करना चाहिए।

एसोचैम ने दुनिया के इतिहास में सबसे गहरी वैश्विक मंदी में से एक को विफल करने के लिए 16 बिंदु एजेंडा की सिफारिश सरकार को भेजी है।

एसोचैम के महासचिव दीपक सूद के अनुसार, चैंबर का मानना है कि दुनिया की अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं द्वारा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 10 फीसदी प्रोत्साहन उपायों को ध्यान में रखते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को 200 अरब डॉलर से अधिक की आवश्यकता होगी। साथ ही इसके अगले 12 से 18 महीनों में 300 अरब डॉलर तक जाने की क्षमता भी होनी चाहिए।

इसके साथ ही उद्योग चैंबर ने कहा कि अगले तीन महीनों में अर्थव्यवस्था में 50 से 100 अरब डॉलर की नकदी डालने की जरूरत होगी, ताकि नौकरियों और आय में हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।

बता दें कि कोरोना से निपटने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार जल्दी ही एक बड़े पैकेज की घोषणा कर सकती है। यह पैकेज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा हाल ही में जारी राहत पैकेज से भी बड़ा होनी की संभावना है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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