Dussehra 2020 : कलाकारों ने बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़ी पसंदीदा फिल्में साझा की

0

कलाकारों ने दशहरे से पहले बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़ी अपनी पसंदीदा फिल्मों को साझा किया है।

दिग्गज अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी के लिए ऐसी फिल्म साल 1998 में आई सलमान खान स्टारर ‘बंधन’ है।

उन्होंने कहा, “‘बंधन’ मेरी पसंदीदा फिल्मों में से एक है। यह एक ऐसी फिल्म है, जो इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि सच की हमेशा जीत होती है। उन सभी लोगों के लिए जिन्होंने यह फिल्म नहीं देखी है, कहानी यह था कि जैकी श्रॉफ द्वारा निभाया किरदार स्वार्थी उद्देश्यों और पुनर्विवाह का शिकार कैसे होता है। इसके चलते वह अपनी पूर्व पत्नी और अपने बहनोई के साथ अपने संबंधों को खराब कर देता है। उन्हें बहुत बाद में रिश्तों के महत्व और गलतियों के बारे में पता चलता है।”

अभिनेत्री ने आगे कहा, “दशहरे के इस त्योहारी सीजन के दौरान यह फिल्म पापी या गलत विचारों और क्रोध का शिकार न होने के लिए एक प्रेरित करता है, इसके बजाय लोगों में अच्छाई की तलाश करें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।”

अभिनेता-निर्माता तुषार कपूर ने अक्षय कुमार अभिनीत अपनी आगामी फिल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ को चुना।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, “मैं अभी बुराई पर अच्छाई जीत के बारे में किसी और फिल्म के बारे में नहीं सोच सकता, लेकिन हां ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ ऐसी फिल्म है। यह एक खास फिल्म है, क्योंकि यह बुराई पर अच्छाई की जीत के बारे में एक फिल्म है, भारतीय मूल्यों के साथ बनी इस फिल्म में कुछ ऐसा है जिससे हर कोई जुड़ेगा, कुछ ऐसा जो आपको सबक सिखाएगा, कुछ ऐसा जो प्रेरित करेगा।”

हरलीन सेठी ने रंग दे बसंती को अपना पसंदीदा बताया।

उन्होंने कहा, “‘रंग दे बसंती’ कभी पुरानी नहीं होगी। यह युवाओं को अन्याय के खिलाफ उठने के लिए प्रोत्साहित करता है, देशभक्ति की भावना जगाता है, और नैतिक और राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक अखंडता दिखाता है। यह आपको सोचने के लिए मजबूर करता है कि अन्याय होने देना भी अन्याय का एक रूप है।”

अभिनेता हितेन तेजवानी के लिए यह क्लासिक हॉलीवुड फिल्म ‘द लायन किंग’ है।

अभिनेता ने कहा, “मुझे ‘द लायन किंग’ बहुत पसंद है, किस तरह सिम्बा चला जाता है और बाद में वापस आता है, और राजा बन जाता है, यह चीज मुझे बहुत अच्छी लगी।”

अभिनेत्री ग्रेसी सिंह ने बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए साल 2001 की ब्लॉकबस्टर रिलीज ‘लगान’ को चुना।

अभिनेत्री ने कहा, “फिल्म वास्तव में इस विषय को जीवंत करती है कि बुराई पर अच्छाई की जीत कितनी प्यारी है। भारी करों और कई वर्षों के सूखे से परेशान चंपानेर के किसान एक साथ क्रिकेट के खेल पर ब्रिटिश सेना को चुनौती देने के लिए आते हैं, ताकि वे उन पर लगे लगान (कर) को रोकें। उनकी मेहनत और ईमानदारी आखिर में रंग लाती है। फिल्म ने यही संदेश दिया है।”

अभिनेत्री शमीन मन्नान के लिए ऐसी फिल्म ‘मर्दानी 2’ है, जिसमें रानी मुखर्जी को पुलिस अवतार में देखा गया।

उन्होंने कहा, “जिस तरह से रानी सीरियल रेपिस्ट को न सिर्फ गिरफ्तार करती है, बल्कि उसे बहुत पीटती हैं, वह आश्चर्यजनक है। जब भी मैं उस फिल्म को देखती हूं, तो मेरे रोए खड़े हो जाते हैं और जिस तरह से रानी के किरदार एसपी शिवानी साक्षात्कार में बताती है कि सभी महिलाओं को क्या करना है और पुरुषों की तुलना महिलाओं से क्यों नहीं होनी चाहिए, वह उत्कृष्ट है। इस तरह के प्रदर्शन ने बाकी सभी को हरा दिया। बेशक नेगेटिव लीड ने भी अच्छा काम किया है, हमें इस तरह की और फिल्में चाहिए।”

अभिनेत्री सबा सौदागर उनसे सहमत हैं। उन्होंने कहा “मुझे ‘मर्दानी’ बेहद पसंद है, इसका कारण यह है कि मुझे यह बहुत वास्तविक और गैर-फिल्मी लगती है। मदार्नी का बुरा हिस्सा उस समाज को दर्शाता है जिसमें हम रहते हैं और अच्छा हिस्सा उस समाज को भी दर्शाता है, जिसे हम जीते हैं, लेकिन हम इसे हल्के में लेते हैं। ‘मर्दानी 2’ का आखिरी ²श्य, जहां रानी एक घर के बाहर दोषी को पीटती है और उनके पीछे देवी की मूर्ति है, इस ²श्य ने मेरे रोए खड़े कर दिए।”

अभिनेत्री पूजा बनर्जी के लिए ऐसी फिल्म विद्या बालन अभिनीत ‘कहानी’ है।

उन्होंने कहा, “इसकी कहानी शानदार है, शानदार पटकथा, पावर-पैक प्रदर्शन और बैकग्राउंड विषय के रूप में दुर्गा पूजा है। यह एक फिल्म के रूप में मेरे लिए सबसे अच्छा था, जो बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है। साथ ही कुछ पुरुषों ने महिलाओं, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, इसकी वास्तविकता को देखकर वाकई दिल दहल जाता है। यह वास्तव में मेरे लिए सबसे प्रभावशाली फिल्म थी।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleShardiya navratri 2020: अष्टमी और नवमी तिथि पर मां दुर्गा को ऐसे लगाएं भोग
Next articleजाने कैसे करे Airtel Wi-Fi Calling सर्विस का इस्तेमाल: साथ ही जाने इसके फायदे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here