Anil Kumble की इस बड़ी गलती के कारण पंजाब सुपर ओवर में हारा, अभी तक हो रही चर्चा, जानें !

0

रविवार को आईपीएल 2020 में दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच खेला गया मुकाबला क्रिकेटप्रेमियों के बीच अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है. और चर्चा हो भी क्यों न ? झमाझम चौकों-छक्कों की बारिश, इतने उतार-चढ़ाव. फिर टाई के बाद सुपर ओवर ! बताया जा रहा है, पंजाब के मेंटोर अनिल कुंबले की एक बड़ी चूक के कारण मुकाबला पंजाब के हाथ से निकल गया ।

वास्तव में इस फैसले की चर्चा तभी शुरू हो गयी थी, जब पंजाब के बल्लेबाज सुपर ओवर में बैटिंग के लिए उतरे । दरअसल, सुपर ओवर में कप्तान केएल राहुल और विंडीज विकेटकीपर निकोलस पूरन बल्लेबाजी के लिए उतरे. इनके मैदान पर उतरते ही चर्चा शुरू हो गयी की आखिर बेहतरीन और आतिशी पारी खेलने वाले मयंक अग्रवाल को क्यों नहीं भेजा गया । अग्रवाल की अनदेखी करते हुए पंजाब मैनेजमेंट ने इन दोनों बल्लेबाजों को चुना, मगर तीन गेंदों के भीतर ही ये दोनों आउट हो गए और नियमानुसार इन दोनों के आउट होते ही सिर्फ 2 रन पर पंजाब की पारी खत्म हो गई ।

 

SHARE
Previous articleस्मार्ट तरीके से संसाधनों का उपयोग करने की कोशिश – नंबर 7 पर धोनी पर फ्लेमिंग
Next articleFIR Against Anurag Kashyap यौन उत्पीडन मामले में अनुराग के खिलाफ हुई FIR, जाने पूरा मामला
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here