कार्ययोजना की कमी से दिल्ली फिर प्रदूषण की चपेट में

0
159

ग्रीनपीस इंडिया के सीनियर कैंपेनर सुनील दहिया ने कहा कि हर साल दिवाली के बाद प्रदूषण का विश्लेषण करना हमारी आदत में शुमार हो चुका है। हमें यह समझने की जरूरत है कि पटाखे या फिर पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण सिर्फ कुछ समय के लिए होता है, जबकि साल भर प्रदूषण के दूसरे स्रोत की वजह से दिल्ली की हवा सांस लेने लायक नहीं रहती है। सुनील दहिया ने एक बयान में कहा कि सबसे बड़ी विडम्बना है कि हम प्रदूषण के सभी स्रोत चाहे वो कोयला पावर प्लांट हो, उद्योग और परिवहन से निकलने वाला प्रदूषण हो या फिर दिवाली और पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण हो, इन सबसे निपटने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करना अभी भी हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सरकार ज्यादा जिम्मेदारीपूर्वक वायु प्रदूषण से निपटने की कोशिश करेगी, प्रदूषण के सभी स्रोतों से निपटने के लिए लोगों को विश्वास में लेगी तथा कठोर नियम और मानकों को लागू करेगी।

उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर आयोजित सम्मेलन में दिसंबर तक राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम को लागू करने का वादा किया है। अब हम लोग उम्मीद करते हैं कि इस कार्यक्रम में उत्सर्जन को कम करने के लिए समय सीमा भी तय की जाएगी और तीन साल में 35 प्रतिशत और अगले पांच साल में 50 प्रतिशत वायु प्रदूषण को कम करने के लक्ष्य को शामिल किया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleफ्लाइंग कार की तस्वीर हुई वायरल, जानिए कितनी होगी कीमत
Next articleअंक ज्योतिष: 9 नवंबर 2018 ​जानिए आपके लिए कौन सा नंबर रहेगा शुभ…
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here