भारतीय संविधान दिवस पर DU students ने जाने अपने अधिकार और कर्तव्य

0

भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विधि संकाय द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई द्वारा यह वेबिनार ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं मौलिक कर्तव्यों में सामंजस्यपूर्ण अनुरूपण’ विषय पर आधारित था। इस वेबिनार का उद्देश्य भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर छात्र एवं छात्राओं में संविधान एवं संविधानवाद के प्रति जागरूकता पैदा करना था। वेबिनार के विषय ने छात्रों को संविधान में अधिकारों के साथ दायित्व की भावना को समझने में मदद की। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित वेबिनार में उपस्थित छात्रों ने प्रश्नों द्वारा अपनी शंकाओं को दूर किया, वेबिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल सर्वोच्च न्यायालय के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड नमित सक्सेना ने छात्रों को मौलिक अधिकार तथा नागरिकों के कर्तव्य संबंधी विषय से अवगत कराया।

सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता नमित सक्सेना ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों में कोई अन्तर्विरोध नहीं है अपितु ये एक दूसरे के पूरक हैं। हमें अपने मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ मौलिक कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन करना चाहिए।”

अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा, “अगर हमें अपने संविधान और अधिकारों की रक्षा करनी है तो हमें संवैधानिक संस्थाओं एवं संविधान निर्माताओं के विचारों का सम्मान करना होगा साथ अपने मौलिक कर्तव्यों को भी मौलिक अधिकारों के समान ही महžव देना होगा, तब हमारा संविधान निरंतर गतिशील हो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम हो सकेगा।”

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleMorning News Bulletin, शुक्रवार 27 नवम्बर, डालिए एक नजर बडी खबरों पर !
Next articleAUS VS IND: सिडनी के मैदान पर फिसड्डी हैं Virat Kohli , आंकड़े दे रहे हैं गवाही
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here