डॉ. इमाम उमर इलियासी ने कहा, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए

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ऑल इंडिया इमाम आर्गनाइजेशन (एआईआईओ) के मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा है कि देश की संवेदनशीलता को सुरक्षित रखने के लिए गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। इलियासी ने शनिवार को आठवें भारतीय छात्र संसद के दौरान गौ वध पर छात्र नेताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि न केवल हिन्दू समाज, बल्कि देश के मुस्लिम भी सरकार के इस फैसले का स्वागत करेंगे।

आठवें भारतीय छात्र संसद का आयोजन वल्र्ड पीस युनिवर्सिटी (एमआईटी डब्ल्यूपीयू) परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय आठवें बीसीएस का आयोजन एमआईटी डब्ल्यूपीयू और एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेन्ट, पुणे में किया जा रहा है।

इलियासी ने कहा, “गाय का मुद्दा ‘राष्ट्रनीति’ का हिस्सा है, जबकि तलाक का मुद्दा ‘धर्मनीति’ का हिस्सा है। हमें जाति और धर्म के दायरे से बाहर आकर सोचना होगा। तलाक रिश्ते को तोड़ने का नाम है, जबकि निकाह रिश्ते को जोड़ने का नाम है। शादी पति और पत्नी के बीच एक अनुबंध होता है, और जीवन की गाड़ी चलाने में दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इस्लाम में पत्नी भी पति से ‘खुला’ ले सकती है।”

उन्होंने कहा, “ऑल इंडिया इमाम संगठन हिंदू विवाह अधिनियम की तर्ज पर ‘मॉडल निकाहनामा’ बनाएगा। इस निकाहनामा में आर्ब्रिटेशन क्लॉज शामिल किया जाएगा, जो निश्चित रूप से तलाक की समस्या पर नियन्त्रण लगाएगा। शरीयत और नागरिक अदालतें समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और व्यक्ति को इन दोनों में से एक का चयन करना चाहिए, ठीक उसी तरह जैसे इजरायल में किया जाता है। तीन तलाक का मुद्दा धर्म से सम्बंधित नहीं है, बल्कि यह महिला की गरिमा और उसके सम्मान से जुड़ा है।”

इस मौके पर शायरा बानो ने कहा, “तीन तलाक कोई मुद्दा नहीं है। किसी के तीन बार तलाक बोल देने से तलाक नहीं हो सकता। कुरान में इस तरह का कोई नियम नहीं है। शब्द ‘तलाक’ न केवल इस्लाम की खेदजनक तस्वीर को प्रस्तुत करता है, बल्कि यह समाज के सामने हमारे लिए शर्मिंदगी का कारण भी है। हमें महिलाओं की आजादी के लिए बदलाव लाने होंगे, उन्हें तीन तलाक के कारण मनोवैज्ञानिक तनाव से बचाना होगा, कुरान में भी महिलाओं के लिए समान अधिकारों का उल्लेख है।”

सभा को संबोधित करते हुए शाइस्ता अंबर ने कहा, “कुरान में तीन तलाक जैसा कोई नियम नहीं है और भारत में महिलाओं को इस मुद्दे पर गुमराह किया जा रहा है। मुस्लिम महिलाएं धर्म के बारे में अपने सवालों के समाधान के लिए पवित्र कुरान पढ़ सकती हैं।”

मौलाना सईद काल्बे रूशैद रिजवी ने राष्ट्रीय महिला संसद एवं भारतीय छात्र संसद की तर्ज पर राष्ट्रीय किसान संसद बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तीन तलाक का मुद्दा देश में इस समय ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है, लेकिन भारतीय आबादी को अपने संविधान में पूरा भरोसा है।

इस साल के आदर्श युवा पुरस्कार बान्द्रा (पश्चिम) मुंबई के विधायक आशीष शेलार और माल्दा पश्चिमी बंगाल की विधायक सबीना यास्मीन को दिए गए।

चर्चा में हिस्सा लेते हुए प्रमोद सावंत ने कहा, “सिर्फ गोवा में एकसमान नागरिक संहिता लागू है। भारत के लिए शर्म की बात है, जहां हम महिलाओं के लिए शौचालय तक नहीं बना सकते और उन्हें बिना किसी कारण के तलाक देते हैं। ऐसे में तीन तलाक पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला महिला सशक्तीकरण का फैसला है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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