डोभाल ने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया, सभी को सुरक्षा का भरोसा दिया

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चौबीस घंटे से कम समय में दूसरी बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, उत्तरपूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा करने के लिए निजी तौर पर गए और स्थानीय लोगों की सुरक्षा चिंताओं को कम करने की कोशिश की।

बुधवार दोपहर बाद उन्होंने आधे घंटे से अधिक समय तक जाफराबाद के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की।

सीलमपुर में पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने जाफराबाद पहुंचकर सड़कों पर विभिन्न समूहों से बातचीत की और स्थानीय लोगों को धैर्य से सुना। स्थानीय लोगों ने अपनी डर व दूसरी समस्याएं उन्हें बताया। इस दौरान ‘दिल्ली पुलिस जिंदाबाद’ व ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे में भी सुनाई दिए।

डोभाल ने स्थानीय लोगों को अतीत की बातें भूलकर आगे बढ़ने की सलाह दी।

उन्होंने लोगों को भरोसा दिया कि हम यहां आपकी सुरक्षा के लिए हैं।

डोभाल ने मीडिया से कहा, “मैं यहां प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देश पर आया हूं। मैंने सभी से मुलाकात की है, सभी से बात की है। पुलिस यहां सभी के लिए शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। हमें सबकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी है।”

जाफराबाद में सड़कों व गलियों से गुजरते हुए करीब 2 किमी की दूरी तय करने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। एक लड़की ने एनएसए से बातचीत किया और कानून व व्यवस्था के हालात की शिकायत की।

लड़की ने कहा, “हम रात में यहां सो नहीं पा रहे हैं। यह सहज नहीं महसूस हो रहा है।”

उसने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस अपना काम नहीं कर रही है।

इसके जवाब में डोभाल ने लड़की को भरोसा देते हुए कहा कि उसे चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

मंगलवार की देर शाम को भी एनएसए ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी।

रविवार से हिंसा के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी व समर्थक समूहों के बीच हिंसा में अब तक 22 लोगों की मौत हो गई है और 200 लोग घायल हो गए हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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