क्या चूहों को भी अफसोस होता है?

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चूहे भी कोई गलत चुनाव करने के बाद अफसोस का अनुभव करते हैं। किसी चीज के ना मिलने या गलती से ना मिलने पर अफसोस का अनुभव पहले केवल इंसानों में ही माना जाता था। मगर एक शोध में सामने आया है कि चूहों में भी ऐसे भाव देखे गए हैं।

इस अध्ययन का कठिन हिस्सा निराशा से अफसोस को अलग करना था। , जो तब होता है जब चीजें उतनी अच्छी नहीं होती जितनी आप आशा करते। दोनों के बीच भेद करने के लिए शोध चूहों पर किया गया। यह अध्ययन सिर्फ यह नहीं दिखाता कि चूहे अफसोस जैसी जटिल भावनाओं को भी महसूस करने में सक्षम हैं इसके साथ ही यह वैज्ञानिकों को मनुष्यों के निर्णय लेने के विचार की भी व्याख्या करता है।

अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने ” Restaurant Row” नामक एक परीक्षण में चार चूहों को रखा। चूहों को एक ” restaurant” पर खाद्य पदार्थों के साथ पेश किया गया था, लेकिन उन्हें पसंद करने के लिए कुछ सेकेंड दिए गए थे। जिसका मतलब है कि चूहों ने अक्सर अच्छे में से एक खराब भोजन को चुना। चूहों में इलेक्ट्रोड से लगाए गए थे जिससे शोधकर्ताओं ने जानवरों में मस्तिष्क गतिविधि की निगरानी की।

orbitofrontal cortex नामक एक मस्तिष्क क्षेत्र मानव में निर्णय लेने में मदद करता है। यह हिस्सा लोगों को अलग-अलग सुखद और अप्रिय भावनाओं को महसूस करता है। मनुष्यों में, मस्तिष्क के एक हिस्से ने अफसोस के दौरान orbitofrontal cortex को ट्रिगर किया है। और इसमें हमने उन चूहों को भी पाया जिन्होनें गलती की और orbitofrontal cortex में भी कुछ क्रिया देखी गई।

दिलचस्प बात यह है कि चूहे के orbitofrontal cortex ने यह याद किया कि उसे उस समय क्या करना चाहिए था। पिछले शोधों में बताया गया था कि जिन लोगों का orbitofrontal cortex भाग में कोई प्रोब्लम होती है तो वे अफसोस महसूस नहीं करते हैं।

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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