क्या आप जानते है आखिर क्यों होते है, दाद—खाज जैसे रोग

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जयपुर। गर्मी और बारिश के मौसम में इंफेक्शन के होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी मौसम दाद—खाज जैसी समस्या होना आम बात मानी जाती है क्योंकि यह रोग इंफेक्शन के कारण होने वाले होते हैं। विशेषज्ञ दाद के बारे में बताते है कि ये एक फंगल इंफेक्‍शन है जो आपकी त्वचा की ऊपरी परत पर विकसित होता है।

यदि इसके फैलनी की बात की जाये तो यह रोग किसी संक्रमित व्यक्ति या किसी जानवर के संपर्क में आने पर फैलता है। इसका फैलने का दूसरा कारण गर्मियों में आने वाला पसीना भी होता है। वैसे तो हल्के दाद अक्सर ऐंटिफंगल दवाओं से ठीक हो जाते हैं।

लेकिन गंभीर संक्रमणों के लिए, आपको कई हफ्तों तक ऐंटिफंगल गोलियां लेने की आवश्यकता हो सकती है। दाद हमेशा चमडी की ऊपरी परत पर ही होते है इनका रंग लाल और खुजलीदार होते है। यह हमे पेचनुमा दिखाई देता है। यह पैच थोड़ा उभरा हुआ रहता है, जो बाहर की ओर फैलता है।

यह लगभग एक गोलाकार रिंग बनाता है। विशेषज्ञ बताते है कि दाद का जोखिम उस समया ज्यादा बढ़ जाता है जब कोई ज्यादातर गर्म वातावरण में रहता है, संक्रमित व्यक्ति या जानवर के सा​थ ज्यादा निकट संबंध रखता है। किसी ऐसे व्यक्ति के साथ कपड़े, बिस्तर या तौलिया साझा करने पर जिन्हें फंगल संक्रमण है।

ज्‍यादा टाइट कपड़े पहनने पर, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली आदि इसके होने के कारण हो सकते हैं। वैसे तो दाद को रोकना मुश्किल होता है मगर तरीको को अपनाकर आप इससे बचे सकते हैं। सबसे पहला काम होता है शरीर और कपड़ों को स्वच्छ और साफ रखना, संक्रमित लोगों या जानवरों को होने वाले दाद से जागरूक रहे। गर्म और आर्द्र मौसम में लंबे समय तक मोटे कपड़ ना पहने।

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