आपके प्राइवेट ईमेल अब नहीं रहे प्राइवेट, पढ़ रहा है कोई तीसरा बंदा

आपके प्राइवेट ईमेल अब नहीं रहे प्राइवेट, पढ़ रहा है कोई तीसरा बंदा ये बात आपको बेहद चौंकाने वाली लग रही होगी लेकिन गूगल ने खुद इस बात की पुष्टि की है

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जयपुर। इन दिनों ईमेल से ही सारे पत्र व्यवहार संपन्न होते हैं। हम सब प्रतिदिन अपने घर और दफ्तर में ईमेल की मदद से कई सारे काम करते हैं। हालांकि ईमेल सुविधा को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां काफी नई तकनीक का इस्तेमाल करती हैं, मगर फिर भी आए दिऩ ईमेल हैक होने की खबरे आती रहती हैं। ऐसे में अगर आपको यह मालूम चले कि जिस ईमेल को आप अपना पर्सनल अकाउंट मानकर निजी जानकारी भेजते रहते हैं, वही अगर निजी ना रहे तो क्या होगा।

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जी हां, गूगल ने हाल ही में ईमेल सेवा में होने वाले इस बड़े गोलमाल का खुलासा किया है। दरअसल आपके पर्सनल ईमेल किसी थर्ड पार्टी द्वारा भी पढ़े जा सकते हैं। कहने का मतलब है कि आपके निजी ई-मेल को कोई तीसरा शख़्स भी पढ़ सकता है। गूगल की माने तो उसकी मशहूर ईमेल सेवा जीमेल का उपयोग करने वाले लोग जो ई-मेल आपस में भेजते हैं, उन्हें कई बार कोई थर्ड पार्टी एप डेवलपर भी पढ़ लेता है।

दरअसल यह सारा मामला प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ा हुआ है। नई गूगल पॉलिसी में अगर आपने अपने जीमेल खाते के साथ थर्ड पार्टी ऐप को भी जोड़ रखा है, तो यह खतरा आपने खुद मोल ले लिया है। दरअसल इस ऐप को स्वीकार कर आपने बिन बुलाए डेवलपर्स को अपने निजी संदेश पढ़ने की अनुमति खुद ही दे दी है। अब जीमेल चाहकर भी उन्हें रोक नही सकती हैं।

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हालांकि प्राइवेस पॉलिसी की यह खामी किसी को भी अब तक नजर नहीं आई हैं। मगर फिर भी लोगों को इस धोखे के बारे में ना बताकर कई कंपनियां उनकी गोपनीयता को गैरों के हाथों नीलाम कर रही है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों में इस तरह की चूक होने पर हैरानी जताई है। गौरतलब है कि जीमेल दुनिया की सबसे लोकप्रिय ई-मेल सर्विस है।

दुनिया भर में करीब 1.4 अरब लोग अपने जीमेल अकाउंट से ईमेल भेजते हैं। आपने देखा होगा कि अक्सर जब भी कोई व्यक्ति अपने अकाउंट को किसी बाहरी सर्विस या सोशल साइट से लिंक करता है तो उस दौरान उससे कई तरह की लंबी चौड़ी अनुमतियां मांग ली जाती हैं। जल्दबाजी के चक्कर में आम जनता इन्हें पढ़ नही पाती है। और इस तरह साइबर धोखे का शिकार हो जाती है।

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