रात को पेड़ के नीचे गलती से भी मत सो जाना, हमेशा के लिए सो जाओगे

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पेड़ों के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना करना बेमानी है। जी हां, पेड़ पौधे हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। पेड़ इंसान के लिए खुदा की बनाई गई सबसे ज्यादा फायदेमंद नेअमत है। हम सब जानते है कि पेड़ों से ही हम अपनी आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाते हैं। इतना ही नहीं प्रदूषित हो रहे पर्यावरण को रहने लायक बनाने का संतुलन भी पेड़ों से ही कायम रहता है। पेड़ की छाव में लेटना किसे पसंद नहीं है। हौले हौले ठंडी हवा आती रहती हैं। पक्षियो की चहचहाट कानों में गूंजती रहती हैं। प्रकृति की गोद में लेटन का अलग ही मजा होता है।

लेकिन क्या आप जानते है कि रात में पेड़ो के नीचे भूलकर भी नहीं सोना चाहिए। चलिए तो हम आपको इस तथ्य की सच्चाई बताते है कि आखिर क्यों दिन में सुहाने लगने वाले पेड़ रात होते ही डरावने हो जाते हैं। हम बखूबी जानते है कि इंसान की तरह ही पेड़ भी सांस लेते हैं। श्वसन प्रक्रिया से ही पेड़ों को ग्लूकोज और ऑक्सीजन प्राप्त होती है, जिससे उन्हें उर्जा मिलती है।

पेड़ प्रकाश संश्लेषण अभिक्रिया की मदद से अपने लिए उर्जा प्राप्त करते हैं। प्रकाश संश्लेषण क्रिया में पौधे कार्बन डाईऑक्साइड तथा पानी से ग्लूकोज और ऑक्सीजन बना लेते हैं। साथ ही सांस भी लेते रहते हैं। लेकिन रात के समय पेड़ केवल सांस लेते हैं अपना खाना नहीं बनाते हैं। रात को प्रकाश संश्लेषण बंद हो जाती है और पेड़ कार्बन डाईऑक्साइड छोड़ते हैं। तो अगर आप रात को पेड़ के नीचे सोते हैं तो यह जहरीली गैस आपकी जान भी ले सकती है।

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