लड़किया Legging पहनते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां

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आजकल के इस बदलते दौरे में लड़कियां का फेशन भी काफी बदल चुका हैं । आजकल फैशन के इस दौर में सिर्फ कुर्ती के साथ ही नहीं बल्कि वेस्टर्न आउटफिट के साथ भी बड़ी संख्या में लड़कियां लेगिंग पहनना पसंद कर रही हैं । वैसे तो लेगिंग पहनने में बेहद आरामदेह होता है लेकिन इन्हें पहनने के कुछ रूल्स होते हैं और आज हम आपको उन्हें ही बताने जा रहे हैं ।

बताया जा रहा है कि, क्रॉप टॉप के साथ लेगिंग बिलकुल न पहनें। ये देखना में बिलकुल अच्छा नहीं लगता है । चूंकि लेगिंग्स आपकी स्किन और बॉडी से चिपक जाती है, लिहाजा अगर आप ऐसी पैंटी या अंडरवेअर पहनेंगी जिसकी हेमलाइन लेगिंग के ऊपर से नजर आ रही हो तो इससे न सिर्फ असहज महसूस करेंगी बल्कि यह देखने में भी बेहद अजीब लगेगा ।

आपकी लेगिंग, चूड़ीदार की तरह नहीं दिखनी चाहिए। लिहाजा अगर आप ऐसी लेगिंग पहनती हैं जो ऐंकल यानी टखने के पास आकर इकट्ठा हो रही है और चुन्नट बना रही है तो वह देखने में अजीब लगेगा । आपकी लेगिंग भले ही ब्लैक या किसी न्यूट्रल कलर की हो लेकिन उसे ब्राइट कलर के टॉप के साथ बिलकुल न पहनें ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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