डीएनए अखबार बंद हुआ

0
68

जयपुर।   अंग्रेजी के जाने-माने अकबर डीडी न्यूज एंड एनालिसिस डीएनए कल यानी गुरुवार को अपने प्रिंट संस्करण को बंद करने की घोषणा कर दी है और अब इसका सिर्फ डीडी डिजिटल संस्करण रहेगा आज के अखबार में संपादकीय की ओर से पहले पन्ने पर एक नोट छापा गया है जिसमें कहा गया कि पाठकों की प्राथमिकताएं बदल रही है और विशेष रूप से युवा वर्ग प्रिंट की वजह मोबाइल फोन पर खबरें पड़ता है.

संपादकीय नोट में आगे लिखा गया है कि हम नहीं बदल रहे हैं सिर्फ माध्यम बदलेगा नए और चुनौतीपूर्ण दौर में पाठकों का समर्थन मांगा गया है.

आपको बता दें कि डीएनए का प्रकाशन 14 साल पहले शुरू हुआ था और सुबह के अखबार का दिल्ली और अन्य केंद्र किसे शासन और प्रकाशन पहले ही बंद हो चुका है वहीं जी समूह के प्रमुख सुभाष चंद्र की अगुवाई वाले एक्सेल ग्रुप के स्वामित्व वाले ब्रोडशीट अखबार का मुंबई और अहमदाबाद में आखिरी संस्करण कल निकाला जाएगा.

वही आपको बता दें कि डीएनए ने यह कदम तब उठाया है जब उसकी मूल कंपनी जी समूह पर आर्थिक संकट है समूह के कुछ वेबसाइट फैसले सफल साबित नहीं हुए हैं वही नगदी संकट की वजह से उसे कर्ज चुकाने में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

वही कर्ज चुकाने की बात करें तो मार्च से लेकर अब तक उसने करीब 6500 करोड रुपए का कर्ज का भुगतान कर दिया है लेकिन अभी भी उसके ऊपर करीब 7000 करोड रुपए का कर्ज बकाया है.

हालांकि कंपनी द्वारा यह निर्णय उसके चलते कर जो को लेकर और उसकी चलती वित्तीय स्थिति को लेकर लिया गया हो लेकिन आज सच्चाई यह है कि अखबार समाज से दूर होता जा रहा है आज का युवा अखबार से दूर है गई अखबार पढ़ना पसंद नहीं करता है और उसके साथ साथ में न्यूज़ चैनलों और मोबाइल पर खबर पढ़ने के लिए आकर्षित रहता है.

अखबार का बंद होना एक पत्रकारिता पर बड़े खतरे के रूप में भी देखा जा सकता है और कहीं लोगों का मानना है कि इससे पत्रकारिता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा आपको बता दें कि अखबार की पत्रकारिता का आज भी पत्रकारों के बीच में रुतबा है और पत्रकारों के बीच में आज भी पत्रकार और एक अखबार का विशेषण रिश्ता कायम है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here