डीजे न्यूक्लेया को अपने इंटरनेशनल एमी नामांकित शो पर गर्व

0
34

भारतीय इलेक्ट्रॉनिक संगीत निर्माता डीजे उदयन सागर जो न्यूक्लेया के नाम से मशहूर हैं, उन्हें ‘द रीमिक्स’ जैसे शो का हिस्सा होने पर गर्व है, जिसने इंटरनेशनल एमी पुरस्कारों के लिए नामांकन हासिल किया।

‘इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ टेलीविजन आर्ट्स एंड साइंसेज’ द्वारा गुरुवार को इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स के लिए नामांकन घोषित किए गए। विजेताओं के नामों का एलान न्यूयॉर्क में 25 नवंबर 2019 को होगा। शो को नॉन स्क्रिप्टेड एंटरटेनमेंट कैटेगरी में नामांकन मिला है।

संगीतकार अमित त्रिवेदी और गायिका सुनिधि चौहान के साथ ‘द रीमिक्स’ को जज कर चुके न्यूक्लेया ने आईएएनएस से कहा, “मैं बेहद खुश हूं। पिछली रात मुझे मेरी टीम से यह संदेश मिला। यह बहुत गर्व का पल हैं। मैं टीम का हिस्सा बनने को लेकर खुश हूं।”

वह पहली बार किसी संगीत आधारित रियलिटी शो में जज बने।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleदीपिका पादुकोण ने साझा की अपनी ड्रेस के ऊपर बनाई गई मीम
Next articleसरकार ने दिया शेयर बाजार को दिवाली का तौहफा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here